मीरा-भायंदर। महानगरपालिका के योग दिवस आयोजन के खर्च और विद्यार्थियों के लिए सामग्री खरीद से जुड़ी शिकायतों की जांच अब चार सदस्यीय समिति करेगी। 8 नवंबर को सामने आई जानकारी के अनुसार, महापौर डिंपल मेहता के निर्देश पर आयुक्त राधाबिनोद शर्मा ने समिति गठित की है। खरीद में गड़बड़ी के आरोपों की जांच होनी है; अभी किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी या आर्थिक नुकसान पर अंतिम निष्कर्ष नहीं आया है।
दो खरीद प्रक्रियाओं की पड़ताल
पहला मामला 21 जून 2026 को अप्पासाहेब धर्माधिकारी सभागृह में हुए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के खर्च से जुड़ा है। टी-शर्ट, स्मृति चिह्न, एलईडी स्क्रीन और अन्य आयोजन सामग्री की खरीद पर सवाल उठे हैं। शिकायतों में निविदा प्रक्रिया, दरों, कोटेशन और स्वीकृत मात्रा के मुकाबले आपूर्ति से जुड़े आरोप शामिल हैं।
दूसरे मामले में विद्यार्थियों के बैग, जूते और मोजे जैसी सामग्री की खरीद पर शिकायतें हैं। समिति खरीद से जुड़े रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों तथा अन्य व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल करेगी।
कौन करेगा जांच
समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त आयुक्त डॉ. संभाजी पानपट्टे करेंगे। लेखा और वित्त विभाग के अधिकारी सदस्य हैं, जबकि शाखा अभियंता चेतन म्हात्रे सदस्य सचिव होंगे। समिति को रिपोर्ट और आवश्यक सुधारों की सिफारिश देनी है। उपलब्ध विवरण में रिपोर्ट की निश्चित अंतिम तारीख नहीं बताई गई है।
अक्टूबर में भी स्कूल सामग्री पर उठे थे सवाल
स्कूली सामग्री का विवाद पहले से चल रहा है। 3 अक्टूबर की जानकारी के मुताबिक, अप्रैल में निविदा प्रक्रिया के बाद 17 जून को कार्यादेश दिया गया था। दो वर्षों का ठेका ₹16 करोड़ का बताया गया था। यह ठेके की राशि है, सिद्ध नुकसान या घोटाले की रकम नहीं।
कार्यकर्ता अधिवक्ता कृष्णा गुप्ता ने सामग्री की गुणवत्ता और निविदा के मानकों पर शिकायत की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी। उस समय मनपा की 32 स्कूलों में आठ हजार से अधिक विद्यार्थियों का उल्लेख था, इसलिए खरीद की गुणवत्ता सीधे बच्चों को मिलने वाली सामग्री से जुड़ी है।
नगरपालिका की खरीद में पारदर्शिता के संदर्भ में डस्टबिन खरीद की कीमतों पर उठे पुराने सवाल भी दर्ज हैं। वह अलग खरीद प्रक्रिया का मामला है; उसे मौजूदा समिति का निष्कर्ष या इसी जांच का हिस्सा नहीं माना गया है।




