ठाणे की मुंब्रा पुलिस ने एक नवजात शिशु की कथित बिक्री के मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। लगभग 20 दिन के बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। पुलिस उपायुक्त बालासाहेब पाटील के मुताबिक शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर बच्चे तक पहुंचने में सफलता मिली। गिरफ्तार लोगों में एक होमगार्ड का भी समावेश है।

5 नवंबर की शिकायत के बाद जांच

पुलिस के अनुसार बच्चे की मां पर दबाव डालकर शिशु को बेचने का मामला सामने आया था। आरोप है कि लेनदेन के बाद महिला और उसकी बहन से मारपीट की गई और दी गई रकम वापस ले ली गई। शिकायत के आधार पर मुंब्रा पुलिस थाने में 5 नवंबर 2026 को मामला दर्ज हुआ। दबाव, मारपीट और बिक्री से जुड़े आरोपों की जांच जारी है।

शिशु को खोजने और आरोपियों को पकड़ने के लिए वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गणेश जवादवाड ने पांच अलग जांच टीमें गठित कीं। टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर जाकर संदिग्धों की तलाश की। पहले ठाणे क्षेत्र से आरोपियों को पकड़ा गया; आगे की जांच जालना और रत्नागिरी तक पहुंची।

रत्नागिरी से बच्चे को वापस लाया गया

एक टीम ने रत्नागिरी में बच्चे का पता लगाया और उसे सुरक्षित ठाणे लाया। पुलिस के मुताबिक अन्य टीमों ने लेनदेन में कथित रूप से सहायता करने वाले लोगों की भूमिका जांची। 6 नवंबर को भी गिरफ्तारियां हुईं। गिरफ्तार दस लोगों को 10 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

बाल कल्याण समिति की निगरानी में देखरेख

बरामदगी के बाद बच्चे की चिकित्सकीय जांच की गई। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर उसे एक बाल देखभाल संस्था की देखरेख में रखा गया है। आगे की अभिरक्षा पर निर्णय भी संबंधित समिति की प्रक्रिया से होगा।

पुलिस यह पता लगा रही है कि बच्चे को किसके पास पहुंचाया जाना था और क्या आरोपी किसी अन्य ऐसे मामले से भी जुड़े हैं। अभी अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता का पुष्ट निष्कर्ष नहीं है। बच्चे और परिवार की पहचान सुरक्षित रखते हुए मामले की आगे की जांच पर नजर रहेगी।

बाल तस्करी की जांच के पुराने क्षेत्रीय संदर्भ में विरार और चिपलून में नवंबर 2023 की कार्रवाई की रिपोर्ट भी उपलब्ध है। उस पुराने मामले से मुंब्रा के ताजा केस का संबंध सामने नहीं आया है।