वसई-विरार। दिवाली के दौरान पटाखों की बिक्री के बीच वसई-विरार महानगरपालिका ने नौ प्रभागों में कुल 246 विक्रेताओं को अधिकृत अनुमति दी है। बिना अनुमति लगी दुकानों की जांच और कार्रवाई के लिए प्रभाग स्तर पर विशेष टीमें नियुक्त की गई हैं। 7 नवंबर को सामने आई जानकारी में नालासोपारा और बाभोला में ऐसी दुकानों पर कार्रवाई का उल्लेख है।
खुले स्थानों पर तय की गई थीं 42 जगहें
अतिरिक्त आयुक्त दीपक सावंत के अनुसार, मनपा ने पटाखा बिक्री के लिए 42 खुले स्थान निर्धारित किए थे। निरीक्षण के बाद पात्र विक्रेताओं को अनुमति दी गई। कार्रवाई करने वाली टीमों में दमकल कर्मचारी, अतिक्रमण विभाग और पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
सामने आई स्थानीय रिपोर्ट में मुख्य सड़कों, फुटपाथों और भीड़ वाले इलाकों में बिना अनुमति दुकानें लगने की शिकायतें बताई गई हैं। इससे आवाजाही में बाधा और अग्निसुरक्षा का सवाल उठा है। अधिकृत अनुमति पाने वालों की संख्या को पूरे शहर में चल रही दुकानों की कुल संख्या नहीं माना जाना चाहिए।
चंदनसार की कार्रवाई से अलग है दुकानों की जांच
विरार पूर्व के चंदनसार रोड पर 5 नवंबर की शाम पुलिस ने कथित अवैध पटाखा निर्माण के मामले में कार्रवाई की थी। पुलिस की जानकारी के अनुसार, तीन लोगों पर मामला दर्ज हुआ और पटाखे बनाने का कच्चा माल तथा अन्य सामग्री जब्त की गई। जब्त सामान की कीमत ₹12,98,550 बताई गई थी।
उस कार्रवाई में अपराध प्रकटीकरण कक्ष-2 की टीम शामिल थी। चंदनसार में पटाखा निर्माण पर कार्रवाई और जब्ती का पूरा विवरण पहले प्रकाशित किया जा चुका है। मनपा की मौजूदा पड़ताल बिक्री करने वाली दुकानों की अनुमति से जुड़ी है; इसे उसी निर्माण मामले में नई गिरफ्तारी या नई जब्ती नहीं समझना चाहिए।
अब किन जानकारियों पर नजर
अगला महत्वपूर्ण विवरण यह होगा कि विशेष टीमों की जांच में कितनी दुकानें बिना अनुमति पाई जाती हैं और उन पर क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में शहरभर की कुल जांच, बंद कराई गई दुकानों या जुर्माने का समेकित आंकड़ा नहीं दिया गया है। केवल 246 अनुमतियों के आधार पर बाकी सभी विक्रेताओं को दोषी घोषित करना उचित नहीं होगा।



