ठाणे: ठाणे रेलवे स्टेशन के पास बुधवार सुबह उस समय लोगों की नजरें SATIS ब्रिज की ओर टिक गईं, जब एक युवक ब्रिज की छत पर फंसा दिखाई दिया। सामान्य रास्ता न होने के बावजूद वह वहां कैसे पहुंचा, यह तुरंत साफ नहीं हो सका। सूचना मिलते ही ठाणे दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन कक्ष और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा सावधानी से चलाए गए अभियान में युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया।

क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन कक्ष के अनुसार सुबह करीब 9 बजे आसपास के लोगों ने फोन कर 30 वर्षीय युवक के SATIS ब्रिज की छत पर होने की जानकारी दी। स्टेशन के पास का इलाका व्यस्त रहता है, इसलिए बचाव के दौरान नीचे की गतिविधियों और युवक की सुरक्षा—दोनों पर ध्यान देना जरूरी था।

दमकल और आपदा प्रबंधन टीम ने संभाला मोर्चा

मौके पर पहुंची टीम ने पहले स्थिति का आकलन किया और फिर दमकल कर्मियों तथा आपदा प्रबंधन कर्मचारियों की मदद से युवक को नीचे लाया। राहत की बात यह रही कि बचाव अभियान के दौरान किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। सुरक्षित उतारने के बाद युवक को ठाणे नगर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि युवक छत तक पहुंचा कैसे। SATIS ब्रिज के उस हिस्से पर जाने के लिए कोई सामान्य सार्वजनिक रास्ता नहीं बताया गया है। पुलिस अब उसके वहां पहुंचने की परिस्थिति, रास्ते और कारण के बारे में जानकारी जुटा रही है।

तुरंत बयान नहीं ले सके अधिकारी

बचाव के बाद अधिकारी युवक से घटनाक्रम समझना चाहते थे, लेकिन उस समय उसकी मानसिक और भावनात्मक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह सवालों का स्पष्ट जवाब दे सके। पुलिस उसके स्थिर होने के बाद जानकारी लेने की कोशिश करेगी। अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा और घटना के पीछे का कारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

ऐसी स्थिति में भीड़ लगाना, वीडियो बनाने के लिए बचाव दल के रास्ते में आना या संबंधित व्यक्ति को उकसाने वाली आवाजें देना जोखिम बढ़ा सकता है। नागरिकों को सुरक्षित दूरी बनाकर पुलिस, दमकल या आपदा प्रबंधन टीम को काम करने देना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति पुल, इमारत या किसी ऊंचे और असुरक्षित स्थान पर फंसा दिखाई दे तो खुद बचाव की कोशिश करने के बजाय तत्काल आपात सेवा को सूचना देना बेहतर है।

व्यस्त स्टेशन क्षेत्र में सतर्कता की जरूरत

ठाणे स्टेशन और SATIS परिसर रोज बड़ी संख्या में यात्रियों और वाहनों का दबाव संभालता है। घटना ने ऐसे ढांचों के प्रतिबंधित हिस्सों तक पहुंच रोकने, नियमित निगरानी और तत्काल सूचना व्यवस्था की अहमियत फिर सामने रखी है। पुलिस की जांच से यह भी पता चल सकता है कि किसी अवरोध, सुरक्षा व्यवस्था या संरचनात्मक पहुंच बिंदु में सुधार की जरूरत है या नहीं।

ठाणे में बुधवार को आपदा प्रबंधन टीम पहले ही पाटलीपाड़ा ब्रिज पर केमिकल टैंकर दुर्घटना जैसी दूसरी आपात स्थिति में भी जुटी रही। दोनों घटनाएं बताती हैं कि तेज सूचना और समन्वित प्रतिक्रिया शहरी सुरक्षा में कितनी महत्वपूर्ण है।

फिलहाल युवक सुरक्षित है। उसके SATIS ब्रिज की छत तक पहुंचने और घटना की वास्तविक वजह के बारे में पुलिस की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।