मुंबई | 4 नवंबर 2026: सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी और मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े का नवंबर माह का वेतन रोकने के आदेश के बाद BMC बुधवार सुबह तेजी से हरकत में आई। बोरीवली पूर्व में BEST बस स्टेशन के लिए आरक्षित भूखंड पर सुबह करीब सात बजे तोड़क कार्रवाई शुरू की गई और 27 व्यावसायिक ढांचे हटाए गए।

यह कार्रवाई स्वामी विवेकानंद रोड के पास टाउन प्लानिंग स्कीम-II के अंतर्गत आरक्षित लगभग 3,400 वर्गमीटर जमीन पर की गई। BMC के आर-सेंट्रल वार्ड के करीब 70 कर्मचारियों और मजदूरों के साथ पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। प्रशासन के अनुसार यहां बनी दुकानों, झोपड़ीनुमा ढांचों और दूसरी व्यावसायिक संरचनाओं को हटाया गया है।

अदालत के आदेश के बाद कुछ ही घंटों में कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन पहले BMC आयुक्त को अवमानना संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए नवंबर का वेतन रोकने का आदेश दिया था। अदालत ने आदेशों का समय पर पालन न होने पर महानगरपालिका पर ₹5 लाख का खर्च भी लगाया। BMC ने कार्रवाई पूरी करने के लिए अतिरिक्त 30 दिन मांगे थे, लेकिन अदालत ने यह मांग स्वीकार नहीं की।

अदालती सख्ती के बाद बुधवार सुबह शुरू हुई कार्रवाई में निगम ने 27 अतिक्रमण हटाने की जानकारी दी। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित कब्जाधारकों को पहले नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि नोटिस, दावों और लंबित न्यायिक विवादों का प्रत्येक ढांचे पर क्या असर था, इसका विस्तृत प्रशासनिक ब्योरा अभी सार्वजनिक रूप से सामने आना बाकी है।

BEST परियोजना के लिए आरक्षित है जमीन

यह भूखंड मूल रूप से BEST से जुड़ी परिवहन सुविधा के लिए आरक्षित बताया गया है। लंबे कानूनी विवाद के दौरान जमीन पर कब्जे और व्यावसायिक ढांचे बढ़ते गए। अगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निजी डेवलपर को जमीन BMC के हवाले करने और निगम को कब्जे हटाकर परियोजना आगे बढ़ाने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद तय समय में जमीन खाली नहीं हो सकी।

अदालत के सामने यह भी कहा गया था कि कुछ लोगों ने दीवानी अदालतों का रुख किया है। सुप्रीम कोर्ट का रुख था कि जहां किसी अदालत से रोक का स्पष्ट आदेश नहीं है, वहां प्रशासन अपने नोटिस को कानूनी निष्कर्ष तक पहुंचाने से पीछे नहीं हट सकता।

अब असली परीक्षा—जमीन खाली होने के बाद परियोजना कब?

अतिक्रमण हटाना इस मामले का पहला दिखाई देने वाला कदम है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पूरा भूखंड कब खाली होता है, मलबा कब हटता है और BEST की प्रस्तावित सुविधा का निर्माण किस समयसीमा में शुरू होता है। अदालत में अनुपालन रिपोर्ट पेश करते समय BMC को इन सवालों का जवाब देना पड़ सकता है।

मुंबई में इससे पहले भी अदालतों के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई है। कोलाबा कॉजवे पर BMC की कार्रवाई और राम मंदिर स्टेशन के पास रेलवे जमीन से अतिक्रमण हटाने की खबरें बताती हैं कि कार्रवाई के बाद जमीन का नियोजित उपयोग सुनिश्चित करना उतना ही जरूरी है।

फिलहाल 27 ढांचे हटाए जाने की पुष्टि प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में सामने आई है। संबंधित पक्षों के अधिकार और दावे सक्षम अदालतों में तय होंगे; अतिक्रमण हटाए जाने को किसी व्यक्ति के आपराधिक दोष का निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।