विरार: वसई-विरार महानगरपालिका की प्रभाग समिति (ए) के नए कार्यालय के लोकार्पण समारोह को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। निमंत्रण पत्रिका में कई जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल नहीं किए जाने पर भाजपा ने इसे राजशिष्टाचार और शासन प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया है।
भाजपा के जिल्हा महामंत्री मनोज बारोट ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र शासन के 20 नवंबर 2025 के शासन परिपत्र (सामान्य प्रशासन विभाग) के नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई है।

उन्होंने कहा कि परिपत्र के कलम 5 के अनुसार जब संसद और विधानमंडल का अधिवेशन चल रहा हो, तब ऐसे सरकारी कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकते। इसके बावजूद प्रशासन ने प्रभाग समिति (ए) के नए कार्यालय का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया।
इसके अलावा कलम 3 के अनुसार निमंत्रण पत्रिका में सभी दलों के जनप्रतिनिधियों के नाम राजशिष्टाचार के अनुसार छापना अनिवार्य होता है, लेकिन पत्रिका में सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक स्नेहा दुबे (वसई), विधायक विलास तरे (बोईसर) और पालकमंत्री का नाम शामिल नहीं किया गया।
मनोज बारोट ने यह भी कहा कि वर्तमान विधायक राजन नाईक का नाम माजी विधायक, सभापति और उपमहापौर के बाद रखना भी राजशिष्टाचार का उल्लंघन है।
उन्होंने सवाल उठाया कि निमंत्रण पत्रिका में केवल बहुजन विकास आघाडी (BVA) के नेताओं के नाम प्रमुखता से दिखाई दे रहे हैं, जिससे ऐसा लगता है कि यह कार्यक्रम महानगरपालिका का है या किसी राजनीतिक दल का।
भाजपा ने मांग की है कि
-
यह कार्यक्रम तुरंत रद्द किया जाए
-
आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी को निलंबित किया जाए
-
संबंधित अधिकारियों पर शिस्तभंग की कार्रवाई की जाए
साथ ही मनोज बारोट ने चेतावनी दी कि इस मामले में विधानसभा में हक्कभंग प्रस्ताव भी दाखिल किया जाएगा।