वसई-विरार: महानगरपालिका की परिवहन समिति के सभापति पद की चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। बहुजन विकास आघाडी की ओर से अशोक रणखांब ने सोमवार, 26 अक्टूबर को नामांकन दाखिल किया। सभापति का चुनाव 30 अक्टूबर को होना है। समिति में बविआ के संख्या बल के कारण उनका पलड़ा मजबूत है, लेकिन अभी नामांकन की खबर को अंतिम निर्वाचन परिणाम नहीं समझना चाहिए।

नामांकन के साथ अगला चरण शुरू

रणखांब ने मनपा के नगरसचिव विश्वनाथ तलेकर के समक्ष अपना आवेदन जमा किया। इस मौके पर महापौर अजीव पाटील, उपमहापौर मार्शल लोपीस, सभागृह नेता प्रफुल्ल साने और अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। सोमवार की उपलब्ध जानकारी में सभापति पद के लिए उनका ही आवेदन सामने आया है।

इस स्थिति के आधार पर निर्विरोध चयन की संभावना जताई जा रही है। हालांकि उम्मीदवारी, प्रक्रिया पूरी होना और निर्वाचित घोषित होना अलग-अलग चरण हैं। 30 अक्टूबर की कार्यवाही और आधिकारिक घोषणा के बाद ही चयन की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

समिति में बविआ का बहुमत कैसे बना?

परिवहन समिति की 12 सदस्यीय नियुक्तियों की प्रक्रिया सितंबर में हुई थी। उस समय बविआ और भाजपा, दोनों ने उम्मीदवार उतारे थे। महासभा में बहुमत के आधार पर सभी 12 जगहों पर बविआ समर्थित सदस्यों का चयन हुआ। रणखांब का नाम तभी से सभापति पद के संभावित दावेदारों में लिया जा रहा था।

समिति में स्थायी समिति के सभापति पदसिद्ध सदस्य होते हैं। इस तरह कुल 13 सदस्यों वाली व्यवस्था में बविआ का प्रभाव बना हुआ है। सोमवार का नामांकन इसी पहले से बने राजनीतिक समीकरण का अगला कदम है; इसे अचानक हुए सत्ता परिवर्तन की तरह पेश करना सही नहीं होगा।

प्रशासनिक अनुभव पर पार्टी का भरोसा

रणखांब के पास नगर निकाय प्रशासन और परिवहन प्रबंधन से जुड़ा अनुभव है। बविआ ने परिवहन सेवा के प्रबंधन और यात्रियों की समस्याओं पर काम करने के उद्देश्य से उन्हें आगे किया है। लेकिन नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना का अर्थ यह नहीं कि बस मार्ग, किराए या समय-सारिणी में तत्काल बदलाव घोषित हो गया है।

यात्रियों के लिए इस खबर का मतलब

दैनिक यात्री के लिए असली सवाल सेवा की उपलब्धता और अपने रूट की जानकारी है। नामांकन की घोषणा से किसी नई बस सेवा, अतिरिक्त फेरे या किराए में बदलाव की पुष्टि नहीं होती। ऐसे बदलाव के लिए मनपा की अलग सूचना देखनी होगी। राजनीतिक चयन की खबर और यात्रियों के लिए लागू परिवहन निर्देश अलग रखें।

मनपा के परिवहन विभाग की आधिकारिक जानकारी में बस समय-सारिणी, संचालित मार्गों की सूची और ज्येष्ठ नागरिकों के मुफ्त बस पास का आवेदन उपलब्ध बताया गया है। यात्रा या पास से संबंधित काम के लिए उसी सेवा-सूचना का उपयोग करें। केवल सभापति चुनाव की तारीख देखकर अपनी बस की समय-सारिणी बदली हुई न मानें।

अब किस घोषणा का इंतजार?

अगली महत्वपूर्ण तारीख 30 अक्टूबर है। उस दिन की प्रक्रिया से सभापति पद की अंतिम स्थिति सामने आएगी। उसके बाद समिति के फैसलों, परिवहन प्रबंधन की प्राथमिकताओं और किसी ठोस सेवा-सुधार की घोषणा पर नजर रहेगी। फिलहाल पुष्टि योग्य नया घटनाक्रम रणखांब का नामांकन है, चुनाव परिणाम या नई यात्री योजना नहीं।