मुंबई: त्योहारों के दौरान खाने-पीने की वस्तुओं की बढ़ती मांग के बीच महाराष्ट्र के अन्न व औषधि प्रशासन ने जांच तेज की है। राज्य के सातों विभागों में चलाए गए अभियान में 68 इकाइयों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और सात प्रतिष्ठानों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। कार्रवाई में खाद्य भंडारण, सफाई और उत्पादों की गुणवत्ता से जुड़ी कमियां सामने आई हैं।

गोदाम से रसोई तक जांच

अभियान में करीब ₹12.74 करोड़ की सामग्री पर कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग कार्रवाइयों में खाद्य वस्तुओं और प्रतिबंधित उत्पादों के आंकड़े शामिल हैं; इन्हें एक-दूसरे में जोड़कर नई कुल रकम नहीं मानना चाहिए। ठाणे और पुणे में एक्सपायर्ड, खराब या अस्वीकृत खाद्य स्टॉक की जांच भी हुई है।

रसोई और निकासी व्यवस्था में अस्वच्छता, चूहों व तिलचट्टों की मौजूदगी, अनुचित भंडारण और खाद्य पदार्थों में अनधिकृत रंगों जैसे मुद्दे जांच में पाए गए। विभाग ने त्योहारों के दौरान कोल्ड स्टोरेज, गोदामों, निर्माण इकाइयों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच जारी रखने की बात कही है।

निलंबन और दोष सिद्ध होने में अंतर

लाइसेंस निलंबन एक प्रशासनिक कार्रवाई है। इसे बिना संबंधित आदेश और जांच के हर प्रतिष्ठान में एक जैसी मिलावट साबित होने का निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। ग्राहक के लिए जरूरी है कि वह किसी दुकान या ब्रांड के बारे में केवल वायरल संदेश के आधार पर फैसला न करे; संबंधित उत्पाद, बैच और आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी देखे।

पैक्ड सामान लेते समय किन बातों पर नजर रखें?

FSSAI की उपभोक्ता जानकारी के अनुसार, पैकेट पर लाइसेंस संख्या, सामग्री की सूची, निर्माण या पैकिंग की तारीख और इस्तेमाल की समय-सीमा जांचना जरूरी है। भंडारण के निर्देश भी पढ़ें। जिस उत्पाद को खास तापमान या निश्चित तरीके से रखना है, उसके लिए केवल आकर्षक पैकिंग या कम कीमत पर्याप्त जानकारी नहीं देती।

शुद्ध वजन और पैकेट में दी गई मात्रा भी देखें। पोषण संबंधी जानकारी कभी प्रति सर्विंग तो कभी प्रति 100 ग्राम या 100 मिलीलीटर के हिसाब से होती है। इसलिए पूरे पैकेट को एक सर्विंग समझ लेना ठीक नहीं। यह सामान्य लेबल पढ़ने की जानकारी है, किसी खास उत्पाद की सुरक्षा का प्रमाण नहीं।

शिकायत करें तो पहचान योग्य जानकारी दें

किसी उत्पाद पर संदेह हो तो उसका नाम, निर्माता का विवरण, बैच संख्या और खरीद की तारीख नोट करें। बिल और उपलब्ध तस्वीरें संभालकर रखने से शिकायत में सही वस्तु व विक्रेता की पहचान करना आसान होता है। बिना जांच खुद से मिलावट का अंतिम फैसला सुनाने के बजाय संबंधित अधिकारी को तथ्य दें।

महाराष्ट्र के खाद्य-संबंधी उपभोक्ता शिकायतों के लिए FSSAI के पश्चिम क्षेत्र की जानकारी में 1800 222 365 हेल्पडेस्क और ni.vogobfsctd-7023b4@qhdoof-cj ईमेल दिया गया है। शिकायत में जितनी स्पष्ट जानकारी होगी, अधिकारी उतना आसानी से संबंधित उत्पाद और बिक्री स्थान को पहचान सकेंगे।

दुकानदार और ग्राहक, दोनों की भूमिका

विक्रेताओं को भंडारण, सफाई और स्टॉक की वैध अवधि पर ध्यान देना होगा। ग्राहकों के लिए भी खरीद का रिकॉर्ड रखना उपयोगी है। त्योहार की भीड़ में जल्दी खरीदारी करते समय पैकेट की बुनियादी जानकारी नजरअंदाज न करें। कार्रवाई का उद्देश्य सुरक्षित खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करना है; हर दुकान या पूरे बाजार को संदिग्ध घोषित करना नहीं।