मुंबई, 31 अक्टूबर 2026: विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर महाराष्ट्र अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) के नोटिस के खिलाफ अभिनेता अजय देवगन ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने नोटिस को मनमाना बताते हुए संबंधित प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी है। मामले की सुनवाई 4 नवंबर को होने की संभावना है।
इलायची के बहाने पान मसाला प्रचार का आरोप
महाराष्ट्र FDA का आरोप है कि विमल इलायची के विज्ञापनों के जरिए राज्य में प्रतिबंधित विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष प्रचार किया जा रहा है। इसी मामले में अभिनेता को नोटिस जारी किया गया है।
विभाग के आरोप और अभिनेता की आपत्तियाँ अब अदालत के सामने रखी गई हैं। याचिका दायर होने को नोटिस रद्द होने या अदालत से राहत मिल जाने का फैसला नहीं माना जा सकता।
कंपनी के बजाय सीधे अभिनेता को नोटिस क्यों?
अजय देवगन की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि FDA ने संबंधित निर्माता कंपनी के बजाय सीधे अभिनेता को नोटिस जारी किया। उनकी दलील है कि यह कार्रवाई मनमानी है।
अभिनेता ने FDA के नियमों से संबंधित प्रावधानों की संवैधानिक वैधता पर भी सवाल उठाए हैं। इन दलीलों पर अदालत का फैसला आना बाकी है।
4 नवंबर को सुनवाई की संभावना
याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की खंडपीठ के समक्ष 4 नवंबर को सुनवाई होने की संभावना है। सुनवाई की तारीख को फिलहाल संभावित ही बताया गया है।
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विभाग की जानकारी: महाराष्ट्र अन्न एवं औषधि प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट।
फोटो: Bollywood Hungama / Wikimedia Commons, CC BY 3.0। फाइल फोटो को काटकर MCS समाचार ग्राफिक में इस्तेमाल किया गया है।




