मुंबई, 8 नवंबर 2026: अंधेरी पश्चिम के लोखंडवाला इलाके में शनिवार रात एक ऊंची रिहायशी इमारत की 17वीं मंजिल पर लगी आग में एक निवासी की मौत हो गई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका की अद्यतन जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति को कूपर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण धुएं के कारण दम घुटना बताया गया है।

आग की सूचना मुंबई फायर ब्रिगेड को 7 नवंबर की रात करीब 9:50 बजे मिली थी। इसके बाद चार दमकल गाड़ियों और अन्य अग्निशमन उपकरणों को लोखंडवाला स्थित इमारत पर भेजा गया। आग फ्लैट नंबर 1701 में बिजली की वायरिंग, विद्युत उपकरण और घरेलू सामान तक सीमित रही तथा रात 10:37 बजे तक उस पर काबू पा लिया गया।

शुरुआती सूचना में कोई घायल नहीं, बाद में मौत की पुष्टि

घटना के शुरुआती अपडेट में किसी के घायल होने की सूचना नहीं दी गई थी। बाद में नागरिक प्रशासन ने स्पष्ट किया कि एक व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया गया था और उसकी मौत हो गई। आपदा की स्थिति में शुरुआती आंकड़े बदल सकते हैं, इसलिए अंतिम जानकारी अस्पताल और महानगरपालिका के समन्वित अपडेट के बाद सामने आई।

मृतक की पहचान और परिवार से जुड़ी निजी जानकारी आधिकारिक रूप से साझा नहीं की गई है। आग लगने के कारण की जांच जारी है। कुछ प्रारंभिक आशंकाओं में पटाखों का उल्लेख हुआ है, लेकिन इस इमारत में आग का कारण अभी प्रमाणित नहीं है।

आधे घंटे के भीतर शहर में कई जगह आग

शनिवार रात लगभग आधे घंटे के भीतर कांदिवली पश्चिम, गोरेगांव पूर्व और अंधेरी के अलग-अलग हिस्सों से भी आग की सूचनाएं मिलीं। कांदिवली में एक इमारत के ग्राउंड फ्लोर स्थित सूखे रिफ्यूज क्षेत्र और पुराने जनरेटर के पास आग लगी, जबकि गोरेगांव के रॉयल पाम्स क्षेत्र में 19वीं मंजिल के एक फ्लैट की गैलरी में आग की घटना हुई। इन दोनों स्थानों पर किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई।

लगातार सामने आई घटनाओं के बाद पटाखों, बिजली की वायरिंग और ज्वलनशील घरेलू सामान से जुड़े जोखिम पर फिर ध्यान गया है। हालांकि हर घटना का कारण अलग हो सकता है और जांच से पहले सभी आग को एक ही वजह से जोड़ना सही नहीं होगा।

हाईराइज में धुआं सबसे बड़ा खतरा

ऊंची इमारतों में आग सीमित क्षेत्र में होने के बावजूद धुआं सीढ़ियों, कॉरिडोर या वेंटिलेशन हिस्सों तक पहुंच सकता है। ऐसे में लिफ्ट का उपयोग करने, भीड़ में भागने या धुएं वाले रास्ते में प्रवेश करने से जोखिम बढ़ता है। निवासियों को सोसायटी के फायर एग्जिट, अलार्म, स्प्रिंकलर और रिफ्यूज एरिया की स्थिति की नियमित जांच करनी चाहिए।

मुंबई में एक दिन पहले घाटकोपर की ऊंची इमारत में लगी आग के बाद तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लगातार हाईराइज घटनाएं फायर ऑडिट और निकासी अभ्यास को केवल कागजी प्रक्रिया न रखने की जरूरत बताती हैं।

लोखंडवाला की घटना में आग लगने का सटीक कारण, फ्लैट में मौजूद लोगों की स्थिति और अग्निसुरक्षा उपकरणों के काम करने संबंधी विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।