मुंबई के बोरीवली–दहिसर इलाके में कथित हेरोइन नेटवर्क की जांच अब बच्चों को इस कारोबार में इस्तेमाल करने के आरोप तक पहुंच गई है। कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने 60 वर्षीय रेहाना अब्दुल हमीद मुलानी और उनकी 32 वर्षीय बहू फरीदा मुलानी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि आर्थिक मुश्किलों से जूझते परिवारों के नाबालिग लड़कों को नशीले पदार्थ बेचने के लिए लगाया जाता था।
गिरफ्तारी की कार्रवाई 2 नवंबर को हुई थी। 8 नवंबर को सामने आए जांच के विवरण में नाबालिगों की कथित भर्ती का पहलू सामने आया है। पुलिस अब परिवार के कुछ अन्य सदस्यों की संदिग्ध भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
बीमार सदस्य वाले परिवारों को निशाना बनाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, रेहाना ऐसे परिवारों तक पहुंच बनाती थी, जिनमें कोई गंभीर रूप से बीमार हो और इलाज के लिए पैसे जुटाना मुश्किल हो रहा हो। आरोप है कि इस मजबूरी का फायदा उठाकर परिवार के बच्चों को हेरोइन बेचने के काम में शामिल किया जाता था। कथित नेटवर्क का दायरा बोरीवली और दहिसर बताया गया है।
इस मामले में बच्चों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच में उनका इस्तेमाल करने वाले लोगों की भूमिका अहम है; नाबालिगों के बारे में सामने आए आरोपों को किसी न्यायिक निष्कर्ष की तरह नहीं देखा जा सकता।
दहिसर में तलाश के बाद हुई कार्रवाई
दोनों महिलाएं बोरीवली पूर्व के दौलत नगर स्थित संतोष नगर की रहने वाली बताई गई हैं। मादक पदार्थों से संबंधित मामले में उनकी तलाश चल रही थी। पुलिस को 2 नवंबर को दहिसर की एक एसआरए इमारत में उनके मौजूद होने की सूचना मिली, जिसके बाद टीम वहां पहुंची और दोनों को पकड़ा।
पुलिस ने रेहाना के खिलाफ पहले 17 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। मामले दर्ज होना और अदालत से दोषसिद्धि होना अलग बातें हैं। मौजूदा आरोपों पर जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
अन्य सदस्यों की भूमिका भी जांच में
पुलिस रेहाना के दो बेटों और एक पोते की कथित संलिप्तता की जांच कर रही है। उनके बारे में गिरफ्तारी या दोषसिद्धि का दावा नहीं किया गया है। कथित नेटवर्क में किसकी क्या भूमिका थी, यह आगे की जांच से स्पष्ट होगा।
मुंबई में नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के व्यापक संदर्भ में जनवरी–फरवरी 2026 के पुलिस अभियान की पूर्व रिपोर्ट भी देखी जा सकती है। उस अभियान के आंकड़े अलग अवधि के हैं।




