मुंबई | 6 नवंबर 2026: बोरिवली की 76 वर्षीय सेवानिवृत्त महिला को केंद्रीय वित्त मंत्री का कथित डीपफेक वीडियो दिखाकर निवेश के नाम पर ₹2.82 करोड़ की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार वीडियो में वरिष्ठ नागरिकों को सोना, चांदी, शेयर और बॉन्ड में निवेश कर आकर्षक लाभ मिलने का भ्रामक संदेश दिया गया था। पीड़ित ने लिंक पर क्लिक किया और यहीं से कथित ठगों ने उससे संपर्क शुरू किया।

नकली प्लेटफॉर्म पर दिखाया गया मुनाफा

शिकायत के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को रोमानिया की एक शेयर ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताया। इसके बाद महिला को टेलीग्राम आधारित कथित निवेश प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया। भरोसा बढ़ाने के लिए डिजिटल डैशबोर्ड पर लगातार मुनाफा दिखाया गया और शुरुआती चरण में कुछ रकम वापस भी भेजी गई।

पुलिस के अनुसार महिला ने 9 मार्च से 29 सितंबर के बीच 20 ऑनलाइन लेनदेन के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹2.82 करोड़ भेजे। बाद में जब उसने मूल रकम और दिखाया गया लाभ निकालने की कोशिश की, तो कथित ठगों ने एक नई IPO योजना में और निवेश करने को कहा। रकम वापस न मिलने पर महिला ने अपने बेटे से चर्चा की और धोखाधड़ी का संदेह हुआ।

1930 पर शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला

महिला ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया। इसके बाद उत्तर प्रादेशिक साइबर पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, पहचान का गलत इस्तेमाल, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया। आरोपियों और रकम के अंतिम प्रवाह की जांच जारी है। अभी किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्टि सामने नहीं आई है।

इसी तरह के अपराध में डर या किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के वीडियो का इस्तेमाल कर विश्वास बनाया जाता है। पढ़ें—अंधेरी के बुजुर्ग से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ₹1.10 करोड़ की ठगी और मुलुंड साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ी 255 शिकायतों का मामला।

डीपफेक निवेश वीडियो से कैसे बचें?

  • मंत्री, अभिनेता या विशेषज्ञ के वीडियो को आधिकारिक खाते से सत्यापित करें।
  • टेलीग्राम या व्हाट्सऐप पर मिले निवेश ऐप में रकम न भेजें।
  • सेबी पंजीकरण और कंपनी का वास्तविक पता जांचें।
  • ठगी होते ही 1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।