लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े गैर-शिक्षण कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। 27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक के फैसले में कुल 1,70,366 कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को शामिल करने की जानकारी दी गई है।
कितने कर्मचारियों का उल्लेख
बैठक के बाद फैसले की जानकारी देते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कर्मचारियों और आश्रित परिजनों तक चिकित्सा लाभ बढ़ाने की बात बताई। संबंधित रिपोर्ट में बीमा प्रीमियम पर राज्य के करीब ₹51.11 करोड़ सालाना खर्च का अनुमान है। यह योजना का अनुमानित खर्च है, हर लाभार्थी को मिलने वाली नकद राशि नहीं।
उपलब्ध विवरण में बेसिक शिक्षा विभाग के 1,22,304 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 48,062 गैर-शिक्षण कर्मचारियों का उल्लेख है। यह संख्या दोनों विभागों को मिलाकर 1,70,366 होती है। इस निर्णय को केवल शिक्षकों की नई योजना बताने से पात्र कर्मचारियों के दायरे को लेकर भ्रम हो सकता है।
किन संस्थानों के कर्मचारी शामिल
रिपोर्टों में बेसिक शिक्षा परिषद, संबंधित सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल, माध्यमिक और संस्कृत संस्थानों तथा समग्र शिक्षा से जुड़े गैर-शिक्षण कर्मचारियों का उल्लेख है। वित्तविहीन संस्थानों की संबंधित श्रेणियां भी बताई गई हैं। हर कर्मचारी को अपने संस्थान और सेवा की श्रेणी के अनुसार विभाग की लागू सूची में पात्रता देखनी होगी।
इलाज की सुविधा और सीमा
मंजूरी संबंधी रिपोर्ट में ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा कवर का उल्लेख है। सरकारी तथा संबद्ध निजी अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज यानी IPD की सुविधा बताई गई है। इसका अर्थ हर निजी अस्पताल में सभी प्रकार का इलाज बिना शर्त मुफ्त होना नहीं है। अस्पताल का योजना से संबद्ध होना और लागू शर्तें महत्वपूर्ण रहेंगी।
आश्रित परिजनों को भी दायरे में रखने का उद्देश्य कर्मचारी के परिवार को इलाज में सहायता देना है। हालांकि किसी खास परिवार के सदस्य की पात्रता अपने आप तय मानने के बजाय विभाग की दर्ज जानकारी और नियमों से देखी जानी चाहिए।
मंजूरी के बाद कर्मचारियों को क्या देखना होगा
कैबिनेट की स्वीकृति के बाद लागू आदेश, लाभार्थी सत्यापन और अस्पताल संबंधी निर्देश उपयोगी अगला कदम होंगे। उपलब्ध विवरण से नई पंजीकरण विंडो, आवेदन की अंतिम तारीख या किसी खास दिन से सभी जगह लाभ शुरू होने की पुष्टि नहीं होती। इसलिए इस खबर में नया आवेदन लिंक या तत्काल कार्ड मिलने का दावा नहीं जोड़ा गया है।
कर्मचारी अपने विभाग अथवा संस्थान से अधिकृत प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं। यह मंजूरी 27 अक्टूबर के कैबिनेट फैसले का हिस्सा है। विभाग के आगे के निर्देश पात्र कर्मचारियों को सुविधा लेने का तरीका स्पष्ट करेंगे।




