पालघर | Metro City Samachar : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को देश की सबसे महत्वाकांक्षी आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे (वडोदरा–मुंबई सेक्शन) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा करीब 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा लगभग 1,400 किलोमीटर लंबा, 8-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ने वाला देश का सबसे महत्वपूर्ण परिवहन कॉरिडोर होगा। इसके पूरा होने से दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा तथा उद्योग, व्यापार और माल परिवहन को नई गति मिलेगी।
जेएनपीए तक सीधे पहुंचेगा एक्सप्रेसवे
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) से इसकी सीधी कनेक्टिविटी है। इसके चलते उत्तर भारत से जेएनपीए तक माल परिवहन पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और कम लागत वाला होगा। इससे देश की लॉजिस्टिक्स प्रणाली को भी बड़ी मजबूती मिलेगी।
महाराष्ट्र में 24 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है 157 किमी का मार्ग
मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र में वडोदरा–मुंबई सेक्शन की लंबाई लगभग 157 किलोमीटर है, जिस पर लगभग 24 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस हिस्से को सात निर्माण पैकेजों में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इनमें से पांच पैकेजों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष दो पैकेज अगस्त 2026 तक पूरे हो जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि 31 अगस्त 2026 तक महाराष्ट्र से गुजरने वाला पूरा एक्सप्रेसवे यातायात के लिए खोल दिया जाए।
वडोदरा से मुंबई की दूरी आधे समय में होगी तय
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद वडोदरा से मुंबई की यात्रा का समय लगभग 8 घंटे से घटकर करीब 4 घंटे रह जाएगा। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और जाम-मुक्त सफर मिलेगा। वहीं व्यावसायिक वाहनों के लिए भी समय और ईंधन की बड़ी बचत होगी।
उन्होंने कहा कि फिलहाल ठाणे, भिवंडी और घोड़बंदर मार्ग पर भारी ट्रैफिक के कारण माल परिवहन प्रभावित होता है। नया एक्सप्रेसवे इन क्षेत्रों पर दबाव कम करेगा और जेएनपीए तक माल की तेज आवाजाही सुनिश्चित करेगा।
उद्योग, निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे उत्तर और पश्चिम भारत के औद्योगिक क्षेत्रों को मुंबई बंदरगाह से बेहतर तरीके से जोड़ेगा। इससे निर्यात, औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई को आधुनिक एवं विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क से जोड़ने वाली ऐतिहासिक परियोजना साबित होगी।
ये रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान वन मंत्री एवं पालघर के पालकमंत्री गणेश नाईक, मत्स्य व्यवसाय एवं बंदर मंत्री नितेश राणे, सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक स्नेहा दुबे-पंडित, विधायक राजन नाईक, कोकण रेंज के पुलिस महानिरीक्षक चंद्रकिशोर मीणा, एमएडीसी के उपाध्यक्ष एवं कार्यकारी निदेशक दीपक कपूर, JNPA के अध्यक्ष गौरव दयाल, मीरा-भाईंदर वसई-विरार पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, पालघर जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, परियोजना अधिकारी विशाल खत्री सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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