पालघर | मेट्रो सिटी समाचार : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को पालघर जिले के दौरे के दौरान राज्य की कई महत्वाकांक्षी आधारभूत संरचना (Infrastructure) परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने वधावन पोर्ट, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन, प्रस्तावित वधावन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नारंगी क्रीक ब्रिज और उत्तन-विरार सी-लिंक परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पालघर जिला देश के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक हब के रूप में विकसित होगा तथा रोजगार, निवेश, परिवहन और निर्यात को नई गति मिलेगी।
वधावन पोर्ट का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने चिंचणी समुद्र तट पर प्रस्तावित वधावन पोर्ट परियोजना का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने आंतरिक सड़क नेटवर्क, वन स्वीकृति, बिजली आपूर्ति, रेलवे कनेक्टिविटी, भूमि अधिग्रहण, जल आपूर्ति, कौशल विकास तथा मछुआरों के पुनर्वास एवं मुआवजा कार्यों की समीक्षा की।
करीब 76,220 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह ग्रीनफील्ड डीप-सी पोर्ट 1,448 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा और अगले 60 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना भविष्य में दुनिया के बड़े कंटेनर जहाजों को संभालने में सक्षम होगी।
बुलेट ट्रेन परियोजना की भी समीक्षा
इसके बाद मुख्यमंत्री ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन बोइसर स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता, गति और तय समय सीमा में परियोजना पूरी करने पर चर्चा की।
वधावन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनेगा नया ट्रांसपोर्ट हब
मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित वधावन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट स्थल का भी निरीक्षण किया। यह एयरपोर्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFCC), बुलेट ट्रेन, उत्तन-विरार सी-लिंक, मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे और मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा होगा।
इससे वधावन और मुरबे बंदरगाहों से माल परिवहन तेज होगा और मुंबई एयरपोर्ट पर बढ़ते यात्री दबाव को भी कम करने में मदद मिलेगी।
नारंगी क्रीक ब्रिज से 45 मिनट की होगी बचत
मुख्यमंत्री ने MMRDA द्वारा विकसित किए जा रहे नारंगी क्रीक ब्रिज की प्रगति का भी जायजा लिया।
करीब 850 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पुल 4.10 किलोमीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा होगा। इसके बन जाने के बाद वसई-विरार से सफाले, पालघर और बोइसर के बीच सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे लगभग 40 किलोमीटर दूरी और 45 मिनट का यात्रा समय कम हो जाएगा।
उत्तन-विरार सी-लिंक से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने उत्तन-विरार सी-लिंक परियोजना की भी समीक्षा की।
करीब 58,754.51 करोड़ रुपये की लागत वाली यह 6-लेन समुद्री पुल परियोजना होगी, जिसमें दोनों ओर चार लेन के कनेक्टिंग रोड और इमरजेंसी लेन भी शामिल रहेंगी।
यह परियोजना सीधे मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी, जिससे दक्षिण मुंबई से अहमदाबाद तक की यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर वन मंत्री एवं पालघर के पालकमंत्री गणेश नाईक, मत्स्य एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे, सांसद डॉ. हेमंत सावरा, विधायक राजेंद्र गावित, कोकण रेंज के आईजी चंद्रकिशोर मीना, एमएडीसी के उपाध्यक्ष दीपक कपूर, जेएनपीए अध्यक्ष गौरव दयाल, पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, जिला कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़, जिला परिषद के सीईओ मनोज रानाडे, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पालघर जिला महाराष्ट्र के आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा और राज्य में उद्योग, बंदरगाह, परिवहन, निर्यात तथा रोजगार के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिलेगा।