मुंबई: मुंबई की दिंडोशी अदालत में पेशी के लिए लाया गया हत्या के प्रयास के मामले का एक आरोपी पुलिस की निगरानी से फरार हो गया। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था, लेकिन जेल पहुंचाए जाने से पहले ही वह पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया। इस घटना ने अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और आरोपियों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हत्या के प्रयास के मामले में कोर्ट लाया गया था आरोपी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फरार आरोपी मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन की सीमा में दर्ज हत्या के प्रयास के एक मामले से संबंधित है। आरोपी को रिमांड की सुनवाई के लिए दिंडोशी कोर्ट में पेश किया गया था।

सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत यानी जेल कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। हालांकि, न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया के दौरान आरोपी पुलिस की निगरानी से बचकर फरार हो गया।

कुरार पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज, आरोपी की तलाश जारी

आरोपी के फरार होने की घटना सामने आने के बाद कुरार पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुट गई है और उसे दोबारा गिरफ्तार करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आरोपी किस तरह पुलिस की निगरानी से बाहर निकला और फरार होने के लिए उसने कौन-सा रास्ता अपनाया।

कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की निगरानी पर सवाल

अदालत में पेशी के लिए लाए गए आरोपी का फरार होना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीर मामला माना जा रहा है। खासकर तब, जब आरोपी हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध के मामले में न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहा हो।

इस घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। आरोपी की निगरानी की जिम्मेदारी किन पुलिसकर्मियों को सौंपी गई थी? कोर्ट से जेल भेजे जाने की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी? और क्या आरोपी के फरार होने के पीछे किसी स्तर पर लापरवाही हुई?

इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

फिलहाल कुरार पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है। आरोपी की पहचान, फरार होने की सटीक परिस्थितियों और आगे की पुलिस कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

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