ठाणे: शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या की जांच के बीच मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा है कि पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे को जांच पूरी होने तक पद से अलग होना चाहिए। बुधवार के इस बयान के साथ सरनाईक ने साफ किया कि यह उनका निजी मत है।
निजी राय, पार्टी का आदेश नहीं
मीनाक्षी शिंदे ठाणे महापालिका की नगरसेवक और शिवसेना की स्थानीय पदाधिकारी हैं। सरनाईक ने नैतिक आधार पर पद से अलग रहने की बात कही और बताया कि अपनी राय पार्टी प्रमुख तथा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तक पहुंचाई है। उपलब्ध जानकारी से किसी पद से हटाए जाने या इस्तीफा दिए जाने की पुष्टि नहीं होती।
जांच को लेकर पुलिस का जवाब
ठाणे पुलिस ने मामले के सभी पहलुओं की जांच करने की बात कही है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त क्राइम पंजाबराव उगले के अनुसार वीडियो, तस्वीरों और मिले साक्ष्यों का वैज्ञानिक व तकनीकी तरीकों से परीक्षण किया जा रहा है। मामले की जांच विशेष जांच दल कर रहा है।
मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे के बारे में पूछे जाने पर पुलिस ने उनसे भी पूछताछ होने की जानकारी दी। पूछताछ होना अपने आप दोष साबित होना नहीं है। मीनाक्षी शिंदे ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा था कि वह पुलिस को पूरा सहयोग कर रही हैं।
परिवार की मांग और राजनीतिक प्रतिक्रिया
पूर्णेकर के बेटे राम ने दोनों की गिरफ्तारी की मांग उठाई है। 29 सितंबर की हत्या के बाद जांच और कार्रवाई को लेकर परिवार लगातार सवाल उठा रहा है। सरनाईक के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद सांसद नरेश म्हस्के ने विपक्ष पर घटना का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। यह उनका राजनीतिक आरोप है।
आगे की स्थिति
फिलहाल जांच, पूछताछ और राजनीतिक बयान तीन अलग बातें हैं। किसी बयान को पुलिस का अंतिम निष्कर्ष या पार्टी का औपचारिक आदेश नहीं कहा जा सकता। जांच में मिले प्रमाण तथा आगे की आधिकारिक कार्रवाई से मामला स्पष्ट होगा।




