भायंदर: दिवाली से पहले मीरा-भायंदर में सड़क, सार्वजनिक जगहों और रिहायशी परिसरों की सफाई का नियोजन किया जा रहा है। महापालिका आयुक्त राधाबिनोद शर्मा ने सोमवार को ‘स्वच्छ दिवाली, शुभ दिवाली’ अभियान की समीक्षा की। इसमें त्योहार के दौरान बढ़ने वाले कचरे को समय पर जुटाने और नागरिकों की भागीदारी पर चर्चा हुई।

पटाखों के कचरे और प्लास्टिक पर ध्यान

अभियान की तैयारी में पटाखों से पैदा होने वाले कचरे का उचित संकलन, गीला-सूखा कचरा अलग रखने और प्लास्टिक का इस्तेमाल घटाने के लिए जागरूकता शामिल है। महापालिका ने नागरिकों से सार्वजनिक जगहों पर कचरा न डालने और पर्यावरण के अनुकूल त्योहार मनाने में सहयोग करने की अपील की है।

घर से अलग कचरा देना क्यों अहम

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मौजूदा ठोस कचरा प्रबंधन पोर्टल में घर या प्रतिष्ठान पर ही अलग-अलग कचरा रखने पर जोर है। उसमें गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाले कचरे की अलग धाराएं बताई गई हैं। स्थानीय संकलन व्यवस्था के मुताबिक इन्हें अधिकृत कर्मचारी को अलग देना जरूरी है।

दिवाली की सफाई में निकलने वाले पुराने सामान को सामान्य घरेलू कचरे में मिला देने के बजाय उसकी श्रेणी पहचानें। सोसायटी प्रबंधन स्थानीय सफाई विभाग से पूछ सकता है कि अलग सामान लेने का समय और व्यवस्था क्या है। किसी विशेष अतिरिक्त गाड़ी या घर-घर सेवा का समय घोषित हुए बिना उसका अनुमान न लगाएं।

वॉर्ड स्तर के कार्यक्रम का इंतजार

उपलब्ध अभियान विवरण में हर वॉर्ड की तारीख, अतिरिक्त कर्मचारियों की संख्या या विशेष कचरा संग्रह केंद्रों की पूरी सूची नहीं दी गई है। निवासी अपनी सोसायटी और स्थानीय वॉर्ड कार्यालय की ताजा सूचना के मुताबिक सफाई का नियोजन करें।