पालघर: मुंबई विश्वविद्यालय से जुड़े जव्हार और विक्रमगड के दो बीकॉम परीक्षा केंद्रों में कथित गड़बड़ी तथा बुनियादी सुविधाओं को लेकर छात्रों ने सवाल उठाए हैं। शिकायत करने वाले परीक्षार्थियों का आरोप है कि कुछ कर्मचारियों ने संबंधित कॉलेज के विद्यार्थियों की मदद की। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने मामला तुरंत देखने और नियमों के अनुसार आगे बढ़ने की बात कही है।

सीसीटीवी और सुविधाओं पर शिकायत

छात्रों ने परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी की कथित कमी, पीने के पानी और शौचालय की व्यवस्था पर भी शिकायत की है। कुछ परीक्षार्थियों ने आखिरी समय में केंद्र बदलने और कमरों तक पहुंचने के लिए स्पष्ट संकेत न होने से परेशानी होने की बात कही। ये छात्रों के आरोप हैं; इन्हें साबित गड़बड़ी नहीं माना जा सकता।

विश्वविद्यालय का जवाब क्या है

उपलब्ध जवाब में मुंबई विश्वविद्यालय ने नियमों के अनुसार मामला देखने की बात कही है। अभी किसी केंद्र के खिलाफ अंतिम जांच निष्कर्ष या दंडात्मक आदेश की पुष्टि उपलब्ध नहीं है। संबंधित कॉलेज प्रबंधन का विस्तृत स्वतंत्र जवाब भी उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है।

अंतिम निष्कर्ष के लिए क्या देखना होगा

शिकायतों पर ठोस निष्कर्ष निकालने के लिए परीक्षा केंद्र के रिकॉर्ड, ड्यूटी व्यवस्था और विश्वविद्यालय की जांच महत्वपूर्ण होगी। नकल में मदद का आरोप, निगरानी के इंतजाम और सुविधाओं की कमी अलग मुद्दे हैं; एक शिकायत दूसरे आरोप को अपने-आप सिद्ध नहीं करती।

परीक्षार्थी अपनी शिकायत में केंद्र, परीक्षा की तारीख और समस्या का स्पष्ट विवरण रखें। इस खबर का उद्देश्य शिकायत और उपलब्ध जवाब सामने रखना है। जांच का नतीजा आए बिना कर्मचारियों या विद्यार्थियों को दोषी बताने वाली तस्वीरें अथवा निजी पहचान साझा नहीं की जानी चाहिए।