मुंबई, 6 अक्टूबर 2026: मुंबई क्राइम ब्रांच ने बिना वैध मेडिकल डिग्री और आवश्यक पंजीकरण के कथित रूप से चिकित्सा व्यवसाय करने वाले 10 बोगस डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, ये लोग मरीजों का एलोपैथी, आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के जरिए इलाज कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान करीब ₹2 लाख 20 हजार कीमत की दवाइयां और मेडिकल सामग्री भी जब्त की गई है।
मुंबई क्राइम ब्रांच के कक्ष 7 को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि बृहन्मुंबई के भांडुप, मानखुर्द, कुर्ला, जोगेश्वरी, बोरीवली और दहिसर इलाकों में कुछ लोग मेडिकल क्षेत्र की किसी मान्य शाखा की डिग्री हासिल किए बिना डॉक्टर के रूप में काम कर रहे हैं।
पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक, ये लोग विभिन्न बीमारियों और गुप्तरोग से संबंधित मरीजों का इलाज कर उनसे भारी फीस वसूल रहे थे।
7 क्लिनिक पर की गई छापेमारी
इस सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच कक्ष 7 की पुलिस टीम ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका के मेडिकल अधिकारियों के साथ अलग-अलग दिनों में कुल सात क्लिनिक पर छापेमारी की।
इनमें संतोष हेल्थ क्लिनिक–भांडुप, विनायक हेल्थ क्लिनिक–भांडुप, हमदम दवाखाना–जोगेश्वरी, कोहिनूर दवाखाना–जोगेश्वरी, अंकुश आयुर्वेदिक दवाखाना–बोरीवली, दीपक हर्बल हेल्थ केअर क्लिनिक–दहिसर और समर आयुर्वेदिक दवाखाना–मानखुर्द शामिल हैं।
प्रेस नोट के मुताबिक, समर आयुर्वेदिक दवाखाना, मानखुर्द में कार्रवाई क्राइम ब्रांच कक्ष 6 के माध्यम से की गई।
10 लोगों के पास वैध मेडिकल डिग्री नहीं मिलने का दावा
पुलिस के अनुसार, इन सात क्लिनिकों में प्रैक्टिस कर रहे 10 लोगों के पास मेडिकल क्षेत्र की वैध डिग्री नहीं थी अथवा आवश्यक मेडिकल पंजीकरण नहीं था।
आरोप है कि ये लोग खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का एलोपैथी, आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं से इलाज कर रहे थे।
पुलिस ने यह भी बताया कि कुछ क्लिनिकों में वैधता समाप्त हो चुकी यूनानी और आयुर्वेदिक दवाइयां बिक्री के लिए रखी हुई मिलीं, जिसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
₹2.20 लाख की दवाइयां और मेडिकल सामग्री जब्त
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब ₹2,20,000 मूल्य की अलग-अलग प्रकार की दवाइयों की बोतलें, सिरिंज, एंटीबायोटिक टैबलेट्स और अन्य मेडिकल सामग्री जब्त की है।
पुलिस के मुताबिक, संबंधित बोगस डॉक्टरों के खिलाफ भांडुप पुलिस स्टेशन में महाराष्ट्र मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एक्ट, 1961 की धारा 33 और 36 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले की आगे की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कक्ष 7, घाटकोपर द्वारा की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उप आयुक्त (प्रकटीकरण-1) नवनाथ ढवळे और सहायक पुलिस आयुक्त (डी/पूर्व) धर्मपाल बनसोडे के मार्गदर्शन में की गई।
कार्रवाई में कक्ष 7 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल ढोले, पुलिस निरीक्षक प्रदीप सरफरे, सहायक पुलिस निरीक्षक सुहास खरमाटे, धनाजी साठे, महेश शेलार, पुलिस उपनिरीक्षक अजय गोल्हार, प्रमोद जंगम, अरुण सावंत, तानाजी उबाळे और नार्वेकर तथा कक्ष 7 के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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