Mumbai News: बारिश के साथ ही मुंबई में कंजंक्टिवाइटिस यानी आंखों के संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।

डॉक्टरों ने इसे अत्यधिक संक्रामक बताते हुए स्वच्छता और सावधानी बरतने की सलाह दी है। बीएमसी ने शहरभर में सफाई अभियान तेज कर दिया है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि बिना सलाह आंखों में दवा डालना खतरनाक हो सकता है।

मुंबई, 15 जून 2025: महाराष्ट्र, विशेषकर मुंबई में इन दिनों आंखों से संबंधित संक्रमण (कंजंक्टिवाइटिस) के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। बारिश की शुरुआत के साथ ही संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है, और इस बार यह खतरा और अधिक गंभीर होता जा रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में आंखों में जलन, सूजन, लालिमा और चिपचिपाहट की शिकायत लेकर मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

संक्रमित हो रहे हैं हर उम्र के लोग

डॉक्टरों के अनुसार यह संक्रमण बेहद संक्रामक है और हवा, हाथ मिलाने, संक्रमित सतहों को छूने या व्यक्तिगत वस्तुएं जैसे तौलिया, चश्मा, रूमाल आदि साझा करने से आसानी से फैल सकता है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में तेजी से आ रहे हैं। मुंबई के कूपर अस्पताल, जेजे अस्पताल, नायर अस्पताल समेत कई सरकारी अस्पतालों में रोजाना ऐसे सैकड़ों मरीज पहुंच रहे हैं।

बीएमसी अलर्ट पर, सफाई पर दिया जा रहा जोर

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने कंजंक्टिवाइटिस के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए सफाई अभियान तेज कर दिया है। बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों और अस्पतालों में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही नागरिकों को जागरूक करने के लिए पर्चे, पोस्टर और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी जा रही है।

खुद इलाज न करें, विशेषज्ञ से लें सलाह

डॉक्टरों का कहना है कि लोग बिना सलाह के आंखों में ड्रॉप्स डाल रहे हैं, जिससे संक्रमण और बढ़ सकता है। मुंबई के वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अनिल देशमुख के अनुसार, “कंजंक्टिवाइटिस अधिकतर वायरल होता है और खुद दवा लेने से बैक्टीरियल संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। मरीज को तत्काल नेत्र चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।”

कंजंक्टिवाइटिस के प्रमुख लक्षण:

  • आंखों का लाल या गुलाबी हो जाना

  • जलन, खुजली और असहजता

  • अत्यधिक आंसू आना या गाढ़ा पदार्थ निकलना

  • आंखें चिपक जाना, खासकर सुबह उठते समय

  • रोशनी में देखने में तकलीफ और सूजन

इलाज और बचाव:

  • आंखों को बार-बार छूने से बचें

  • संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें

  • अपनी व्यक्तिगत वस्तुएं किसी के साथ साझा न करें

  • साफ हाथों से ही आंखों को छुएं

  • दिन में कई बार आंखें साफ पानी से धोएं

  • बच्चों को संक्रमण के लक्षण होने पर स्कूल न भेजें

क्या कहती है बीएमसी?

बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले सात दिनों में कंजंक्टिवाइटिस के लगभग 3,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। संक्रमण के फैलाव को देखते हुए स्कूलों और कार्यस्थलों को अलर्ट किया गया है। बीएमसी आयुक्त ने साफ कहा है कि इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

Mumbai News: महिला सिपाही से अश्लील हरकत करने वाले ऑटो चालक को पुलिस ने किया गिरफ्तार