मुंबई, 7 नवंबर 2026: वर्ष 2023 के ISIS मॉड्यूल मामले में मुंबई की विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अदालत ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने पेशे से एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉक्टर अदनानअली सरकार को छह साल के कठोर कारावास की सजा दी है। यह सजा आरोपी द्वारा अदालत के सामने स्वेच्छा से दोष स्वीकार किए जाने के बाद सुनाई गई।
इस फैसले का अर्थ पूरे मामले का अंत नहीं है। जांच एजेंसी के अनुसार, इसी केस में नामजद अन्य आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी है और उनके संबंध में दोष या निर्दोषता का निर्णय अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अलग से होगा।
दोष स्वीकार करने के बाद सुनाया गया फैसला
अदालत के सामने सरकार ने अपनी भूमिका को लेकर दोष स्वीकार करने की इच्छा जताई थी। न्यायालय ने यह सुनिश्चित करने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की कि यह स्वीकारोक्ति किसी दबाव में नहीं, बल्कि स्वेच्छा से की गई है। इसके बाद अपराध की प्रकृति, जांच में सामने आई भूमिका और लागू कानूनी प्रावधानों को देखते हुए छह वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।
कानूनी रूप से यह अंतर महत्वपूर्ण है कि मौजूदा सजा इसी आरोपी की स्वीकारोक्ति और उसके विरुद्ध रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से जुड़ी है। इससे मामले के दूसरे आरोपियों के खिलाफ आरोप स्वतः सिद्ध नहीं हो जाते। उनका मुकदमा अलग प्रक्रिया के तहत चलता रहेगा।
2023 में सामने आया था कथित मॉड्यूल
NIA की जांच 2023 में सामने आए उस कथित नेटवर्क से जुड़ी है, जिसके सदस्यों पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS की विचारधारा से प्रभावित गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया। जांच एजेंसी ने डिजिटल सामग्री, आपसी संपर्क और वित्तीय लेन-देन सहित कई पहलुओं की पड़ताल की थी। इन दावों का अंतिम न्यायिक मूल्यांकन संबंधित आरोपियों के मुकदमे में होना बाकी है।
आतंकवाद से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां अक्सर डिजिटल संवाद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और धन के स्रोतों की कड़ियां अदालत के सामने रखती हैं। हालांकि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ एजेंसी का आरोप और अदालत द्वारा दोष सिद्ध किया जाना दो अलग चरण हैं। इस मामले में शनिवार का आदेश केवल दोष स्वीकार करने वाले आरोपी से संबंधित है।
विशेष अदालत में आगे भी जारी रहेगी सुनवाई
विशेष NIA अदालत अब शेष आरोपियों के खिलाफ अभियोजन और बचाव पक्ष के साक्ष्य सुनेगी। उनके संबंध में आगे का फैसला मुकदमे की प्रक्रिया पूरी होने पर होगा। मुंबई की NIA अदालत से जुड़े एक अन्य मामले में फैसला सुरक्षित रखे जाने की खबर भी MCS ने पहले विस्तार से दी थी।
इसी तरह एंटीलिया और मनसुख हिरन मामले में आरोप तय होने के बाद ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। शनिवार के ताजा आदेश में अदालत ने एक आरोपी की सजा तय की है, जबकि बाकी मामले की सुनवाई अभी जारी है।




