लखनऊ, 7 नवंबर 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों और किसानों के लिए राहत राशि बढ़ाने का फैसला किया है। आपदा के कारण मृत्यु होने पर परिजन को मिलने वाली अनुग्रह सहायता ₹4 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख कर दी गई है। साथ ही अलग-अलग श्रेणी की फसलों के नुकसान पर प्रति हेक्टेयर सहायता दरों में भी बढ़ोतरी की गई है।

सरकार का अनुमान है कि नई दरों से 10 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिल सकता है। राहत राशि वास्तविक नुकसान, पात्रता, राजस्व सर्वे और संबंधित विभाग की मंजूरी के बाद ही मिलेगी; केवल घोषणा के आधार पर हर आवेदक को स्वतः भुगतान नहीं होगा।

फसल नुकसान की नई दरें

  • सिंचित फसल के नुकसान पर सहायता ₹17,000 से बढ़ाकर ₹22,000 प्रति हेक्टेयर की गई है।
  • बारानी या असिंचित फसल के लिए दर ₹8,500 से बढ़ाकर ₹11,000 प्रति हेक्टेयर की गई है।
  • बहुवर्षीय फसल और कृषि वानिकी से जुड़े नुकसान पर सहायता ₹30,000 प्रति हेक्टेयर तक तय की गई है।
  • खेत से गाद हटाने के लिए सहायता ₹23,000 प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है।

इन दरों का लाभ निर्धारित न्यूनतम नुकसान और प्रशासनिक सत्यापन की शर्तों के अनुसार मिलेगा। प्रभावित किसान को अपने जिले के राजस्व या कृषि विभाग द्वारा मांगे गए दस्तावेज और बैंक विवरण सही उपलब्ध कराने होंगे।

1 अप्रैल से 4 नवंबर के नुकसान पर लागू

सरकारी जानकारी के अनुसार बढ़ी हुई सहायता उन पात्र मामलों पर लागू होगी जिनमें नुकसान की अवधि 1 अप्रैल से 4 नवंबर 2026 के बीच है। इसका उद्देश्य मानसून, अतिवृष्टि, बाढ़, आंधी या अन्य अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहारा देना है।

किन घटनाओं को अधिसूचित आपदा माना जाएगा और किसी किसान का नुकसान कितने प्रतिशत है, इसका निर्धारण स्थानीय सर्वे और सरकारी नियमों से होगा। अलग-अलग जिलों में फसल तथा नुकसान की प्रकृति अलग होने के कारण भुगतान की समयसीमा भी भिन्न हो सकती है।

किसानों को क्या करना चाहिए

प्रभावित किसान सबसे पहले लेखपाल, तहसील या जिला कृषि अधिकारी से अपने क्षेत्र में चल रहे सर्वे की जानकारी लें। फसल की तस्वीर, भूमि अभिलेख, आधार और बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज तैयार रखना उपयोगी हो सकता है। किसी अनधिकृत व्यक्ति को भुगतान या OTP साझा न करें।

राज्य सरकार ने अक्टूबर के अंत में भी अधिकारियों को बारिश से फसल और मकानों के नुकसान का तुरंत सर्वे करने के निर्देश दिए थे। नई दरों के बाद उस सर्वे में पात्र पाए गए मामलों की सहायता राशि बढ़ सकती है, लेकिन अंतिम भुगतान सरकारी आदेश और सत्यापन पर निर्भर रहेगा।

बढ़ी राहत का असर

मृत्यु के मामलों में राशि दोगुनी करना प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा हो सकता है। वहीं खेती की लागत बढ़ने के बीच फसल नुकसान की दरों में संशोधन से किसानों को दोबारा बुवाई और जरूरी खर्च संभालने में कुछ मदद मिलने की उम्मीद है। अब सबसे अहम सवाल सर्वे की गति, पात्र लाभार्थियों की सूची और समय पर बैंक खाते में भुगतान का है।