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RMC Plants NH 48: वसई–विरार के हाईवे पर 28 आरएमसी प्रोजेक्ट्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, दर्ज की गई FIR

वसई, 10 जून 2025 — मुंबई–अहमदाबाद हाइवे के शहरी हिस्सों में रेडिमिक्स सीमेंट (आरएमसी) फैक्ट्रीज़ से निकल रहे भारी प्रदूषण को रोकने के लिए राजस्व विभाग ने सख़्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मालजीपाड़ा से ससूनवघर तक हाईवे किनारे काम कर रहे कम से कम 28 आरएमसी परियोजनाओं के खिलाफ तलाठी एवं मंडल अधिकारियों ने गैरकानूनी धूल उत्सर्जन और पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन पाया है, जिसकी वजह से इनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

वसई, 10 जून 2025 — मुंबई–अहमदाबाद हाइवे (NH 48) के शहरी हिस्सों में रेडिमिक्स सीमेंट (RMC Plants) फैक्ट्रीज़ से निकल रहे भारी प्रदूषण को रोकने के लिए राजस्व विभाग ने सख़्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मालजीपाड़ा से ससूनवघर तक हाईवे किनारे काम कर रहे कम से कम 28 आरएमसी परियोजनाओं के खिलाफ तलाठी एवं मंडल अधिकारियों ने गैरकानूनी धूल उत्सर्जन और पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन पाया है, जिसकी वजह से इनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

इन आरएमसी कारखानों की निकटता और लगातार चलने वाली मशीनरी, खासकर रात के समय, धूल को फैलाती है, जिससे आस-पास के मोहल्लों और सड़क मार्ग पर यातायात एक बड़े प्रदूषण झटके का शिकार हो रहा है। स्थानीय दोपहिया सवारों को तो सांस लेना तक मुश्किल हो गया है और स्कूल, क्लीनिक व घरों में रहने वाले लोगों ने शिकायतों का तांता लगा दिया है।

सकैड़ों अवैध इकाइयां, कार्रवाई नाकाफ़ी

इससे पहले महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) ने ससूनवघर क्षेत्र की 13 आरएमसी इकाइयों को नोटिस जारी किया था, लेकिन दखलअंदाज़ी होने पर राजस्व विभाग को हस्तक्षेप करना पड़ा। तलाठी टीमों ने हर इकाई का निरीक्षण किया और पाया कि निर्माता रोड पर सामग्री लाकर रख रहे हैं, जल छिड़काव नहीं हो रहा और कोई उचित धूल नियंत्रण उपाय नहीं किया जा रहा है।

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तहसीलदार डॉ. अविनाश कोष्टी ने बताया कि अब आगे पर्यावरण कानूनों, राजस्व कानून और सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों के उल्लंघन पर कार्रवाई तेज़ होगी। इस दौरान धूल-नियंत्रक तकनीकों को अपनाना और हाईवे किनारे बार-बार चले जाने वाली भारी गाड़ियों के रूट व निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

लोगों की शिकायत

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि फैक्ट्री खिड़कियों और गेटों से निकलती धूल से बच्चों और बुज़ुर्गों को गम्भीर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ हो रही हैं। अब प्रशासन ने साफ़ संदेश दे दिया है—जो पर्यावरण एवं स्वास्थ्य मानकों को नज़रअंदाज़ करेंगे, उनके खिलाफ न केवल FIR बल्कि अतिरिक्त जुर्माने और संभवतः कारवाई की संभावना बड़ी जाएगी।

Metro City Samachar की मानें, इस कदम से वसई-विरार में साफ़ता व नागरिक स्वास्थ्य की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है, लेकिन अब यह देखने की बात होगी कि उद्योग धंधे अपने उत्सर्जन को नियंत्रित करते हुए सार्वजनिक हित में कैसे योगदान देते हैं।

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