मुंबई में अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं पर सरकार सख्त, अस्थायी लाइसेंस रद्द
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मुंबई | मेट्रो सिटी समाचार
मुंबई महानगर क्षेत्र में नियमों के विरुद्ध चल रही बाइक टैक्सी सेवाओं पर महाराष्ट्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। परिवहन विभाग ने परिवहन नियमों का पालन न करने वाली कुछ कंपनियों के अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। इस संबंध में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधान परिषद में जानकारी देते हुए कहा कि अनधिकृत रूप से संचालित सेवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
सरकार के अनुसार राज्य में बाइक टैक्सी संचालन के लिए अलग से नीति बनाई गई है, जो केंद्र सरकार की मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2020 के अनुरूप तैयार की गई है। इस नीति को राज्य मंत्रिमंडल ने अगस्त 2024 में मंजूरी दी थी। इसके तहत उन शहरों में ई-बाइक टैक्सी सेवाओं की अनुमति दी गई है, जहां आबादी एक लाख से अधिक है।
नई नीति के तहत लागू “महाराष्ट्र ई-बाइक टैक्सी नियम 2024” में यह स्पष्ट किया गया है कि बाइक टैक्सी सेवा में इस्तेमाल होने वाले वाहन पूरी तरह इलेक्ट्रिक होने चाहिए। इसके साथ ही सेवा शुरू करने से पहले कंपनियों को निर्धारित सभी नियमों और शर्तों का पालन करना आवश्यक है।
नीति लागू होने के बाद कुछ एग्रीगेटर कंपनियों को अंतिम अनुमति मिलने से पहले सीमित अवधि के लिए अस्थायी लाइसेंस दिए गए थे। इनमें उबर, ओला और रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज जैसी कंपनियां शामिल थीं, जिन्हें मुंबई महानगर क्षेत्र में सेवाएं शुरू करने के लिए 30 दिन की अस्थायी अनुमति दी गई थी।
हालांकि जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ ऑपरेटरों ने जरूरी प्रक्रियाएं पूरी किए बिना ही सेवाएं शुरू कर दी थीं। इसके अलावा बाइक टैक्सी से जुड़े कुछ हादसों और यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी शिकायतें सामने आई थीं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी किए और नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई शुरू कर दी।
सरकार ने राज्यभर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे अवैध रूप से चल रही बाइक टैक्सी सेवाओं पर निगरानी रखें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
परिवहन मंत्री ने बताया कि अप्रैल 2024 से अब तक 130 से अधिक दोपहिया वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि विभिन्न मामलों में 33 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी वसूला गया है। सरकार का कहना है कि यात्री सुरक्षा और परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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