वसई। शहर में फैल रही गंदगी और कचरे की शिकायतों से परेशान वसई-विरार महानगरपालिका ने अब तकनीक से कमर कस ली है। मंगलवार को महापौर अजीव पाटील ने ‘सफाई मित्र‘ नामक विशेष मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। इस ऐप के जरिए कोई भी नागरिक सड़क, गली या सार्वजनिक जगह पर पड़े कचरे की तस्वीर भेज सकेगा, और महापालिका का सफाई विभाग 24 घंटे के अंदर कार्रवाई करेगा। देरी करने वाले ठेकेदारों पर भारी जुर्माना लगेगा।
शहर की तेजी से बढ़ती आबादी के साथ कचरे की समस्या गंभीर हो चुकी है। कई लोग कचरा डस्टबिन में डालने के बजाय खुले में फेंक देते हैं, जिससे दुर्गंध, मच्छर और बीमारियां फैल रही हैं। महापालिका का घनकचरा विभाग रोज सफाई तो करता है, लेकिन शिकायतों का ढेर लग रहा था। इसी को दूर करने के लिए यह ऐप शुरू किया गया है।
लोकार्पण समारोह में उपमहापौर मार्शल लोपीस, आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी, स्थायी समिति अध्यक्ष प्रवीण शेट्टी, सभागृह नेता प्रफुल्ल साने, विपक्ष नेता मनोज पाटील, अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे व दीपक सावंत समेत अधिकारी और पार्षद मौजूद रहे।
ऐप की खासियतें और कामकाज
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डाउनलोड: एंड्रॉइड यूजर्स आसानी से ऐप इंस्टॉल कर सकेंगे।
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शिकायत: गंदगी वाली जगह का फोटो अपलोड करें, लोकेशन ऑटो कैप्चर।
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समय सीमा: शिकायत मिलते ही संबंधित जोन को नोटिफिकेशन, 24 घंटे में सफाई जरूरी।
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जुर्माना: ठेकेदार देरी करे तो 10,000 रुपये पेनल्टी। गंदगी फैलाने वाले नागरिक पर 1,000 रुपये।
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अतिरिक्त: वेबसाइट से भी शिकायत दर्ज कराएं।
आयुक्त सूर्यवंशी ने बताया कि ऐप शुरुआत में पायलट आधार पर चलेगा, जल्द पूरे शहर में लागू होगा। अब शहर साफ-सुथरा बनाने की जिम्मेदारी नागरिक और महापालिका की साझा होगी।
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