ठाणे: स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल बढ़ा दिखे तो पहले खपत की यूनिट, रीडिंग की तारीख और इस्तेमाल का मिलान करना जरूरी है। नौपाडा में 31 अक्टूबर को हुए परिसंवाद की 1 नवंबर को सामने आई जानकारी में महावितरण के अधिकारियों ने नागरिकों के ऐसे सवालों पर मार्गदर्शन दिया।

नौपाडा के कार्यक्रम में क्या बताया गया?

अभिनय कट्टा की चर्चा में अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता राजेश मसने और सहायक अभियंता किशोर सावरकर शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटर से खपत की जानकारी डिजिटल रूप में भेजी जा सकती है। मसने ने मीटर के सामान्य से तेज चलने की धारणा को गलत बताया।

किसी उपभोक्ता के बिल की वास्तविक शिकायत का जवाब अलग जांच से ही मिलेगा। मोबाइल पर खपत दिखना उपयोगी है, लेकिन उससे हर तकनीकी दोष या खराब उपकरण की पहचान अपने-आप हो जाए, ऐसा नहीं है।

बिल मिलाते समय क्या देखें?

पुराने और नए बिल में केवल कुल रुपये न देखें। रीडिंग किस अवधि की है, कितनी यूनिट दर्ज हैं और कौन-सी दर लगी है, यह भी मिलाएं। घर में AC, पंप या अन्य उपकरणों के इस्तेमाल में बदलाव हुआ हो तो उसे भी ध्यान में रखें।

MMR में बढ़े बिलों को लेकर पहले भी सवाल उठे हैं। वसई-विरार में स्मार्ट मीटर को लेकर हुए आंदोलन पर MCS की रिपोर्ट उसी अलग घटनाक्रम का संदर्भ देती है। नौपाडा की चर्चा को पुराने सभी विवाद सुलझ जाने की घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।

महावितरण ऐप में कौन-सी सुविधाएं हैं?

कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप विवरण में बिल देखने और भुगतान के साथ बिजली बंद होने तथा बिल संबंधी शिकायत दर्ज करने और उसका स्टेटस देखने की सुविधा दी गई है। ऐप में उपलब्ध सेवा अपने उपभोक्ता खाते के विवरण के साथ इस्तेमाल की जा सकती है।

मीटर की खराबी या बिल का कारण स्पष्ट न हो तो कंपनी से उसकी जांच की मांग करें। मीटर पर खुद काम करने के बजाय संबंधित विभाग से प्रक्रिया समझना उचित है।

आगे प्रात्यक्षिक की मांग

परिसंवाद में मोबाइल पर खपत देखने और बिल मिलाने का प्रात्यक्षिक देने की मांग भी उठी। फिलहाल इस रिपोर्ट में किसी निश्चित बिल में गलती साबित होने, नया शुल्क लगने या सभी उपभोक्ताओं का बिल गलत होने का दावा नहीं किया गया है।