वसई: पाचूबंदर रोड की बंद कचराभूमि को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायत फिर सामने आई है। 31 अक्टूबर की रिपोर्ट में नागरिक राजेश हेट्या ने आरोप लगाया कि कुछ लोग दीवार पार करके अंदर जाते हैं और तारों में मौजूद धातु निकालने के लिए उन्हें जलाते हैं। नागरिकों ने ऐसे प्रवेश और कचरा जलाने पर कार्रवाई मांगी है।
ताला होने के बाद प्रवेश का सवाल
शिकायत के मुताबिक, मुख्य द्वार बंद रहने के बावजूद नाले की ओर की दीवार से प्रवेश हो रहा है। तार जलाकर निकली धातु भंगार में बेचने का आरोप लगाया गया है। इसमें किसी आरोपी की पहचान या अपराध साबित होने की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
पहले बंद की गई थी कचराभूमि
इस जगह को बंद करने की जानकारी 9 अक्टूबर की अलग रिपोर्ट में सामने आई थी। उसमें बताया गया था कि सफाई के बाद मुख्य द्वार पर ताला लगाया गया और परिसर से कुछ व्यावसायिक गतिविधियां हटाई गईं। उस समय स्थानीय लोगों ने राहत जताई थी। अब आई शिकायत उस बंद व्यवस्था के बाद भी प्रवेश होने का सवाल उठाती है।
पाचूबंदर में कचरे का मुद्दा नया नहीं है। MCS की इस इलाके में अवैध डंपिंग और कार्रवाई की मांग पर पुरानी रिपोर्ट में भी स्थानीय आपत्तियों का उल्लेख है। पुरानी शिकायत और मौजूदा तार जलाने के आरोप की जांच अलग-अलग तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।
धुएं की शिकायत और जांच में फर्क
रहवासियों ने धुएं और दुर्गंध से परेशानी की बात कही है। उपलब्ध सामग्री में ताजा वायु गुणवत्ता परीक्षण, प्रदूषण की माप या किसी चिकित्सकीय जांच का विवरण नहीं है। इसलिए धुएं में किस रसायन की कितनी मात्रा है या किसी खास बीमारी का कारण वही है, ऐसा दावा नहीं किया जा रहा है।
मनपा की कार्रवाई पर क्या जानकारी है?
ताजा मनपा बयान, मौके की जांच का निष्कर्ष या दर्ज FIR का विवरण उपलब्ध नहीं मिला है। परिसर की सुरक्षा, अनधिकृत प्रवेश और शिकायत पर की गई कार्रवाई का जवाब सामने आने से स्थिति स्पष्ट होगी। अभी किसी नए व्यक्ति या समूह को दोषी ठहराने का आधार नहीं है।




