ठाणे। शहर में आंदोलनों के दौरान सड़कें रोके जाने और जाम की शिकायत पर महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग ने पुलिस और नगर निगम से जवाब माँगा है। 5 नवंबर को सामने आई जानकारी के अनुसार, आयोग ने अंतरिम निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।

आवाजाही और शोर की शिकायत

तीन शिकायतकर्ताओं ने रास्ते और फुटपाथ रोके जाने, टायर जलाने तथा तेज आवाज में ध्वनिविस्तारक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इससे यात्रियों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी हुई। ये शिकायतकर्ताओं के आरोप हैं।

48 घंटे में रिपोर्ट और ट्रैफिक योजना

वागले एस्टेट, कापुरबावड़ी और कासारवडवली थानों से आयोजनों और ध्वनिविस्तारकों की अनुमति की जाँच कर 48 घंटे में रिपोर्ट माँगी गई है। ट्रैफिक पुलिस को दो दिन में आवाजाही और वैकल्पिक मार्गों की योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

आपात सेवाओं का रास्ता खुला रहे

एम्बुलेंस, दमकल और स्कूल बसों की आवाजाही सुनिश्चित करने तथा पुलिस के समन्वय से अनधिकृत मंच और मंडप हटाने को कहा गया है। आयोग ने अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। ट्रैफिक उपायुक्त पंकज शिरसाट ने बुधवार दोपहर तक नोटिस प्राप्त नहीं होने की जानकारी दी थी।