डोंबिवली: शराब के दौरान शुरू हुआ एक विवाद, दोस्त की मौत और फिर करीब 20 दिनों तक छिपाया गया राज—डोंबिवली पश्चिम से सामने आए इस मामले ने पुलिस को भी चौंका दिया। पुलिस के मुताबिक, 42 वर्षीय विशाल कदम की कथित हत्या के बाद आरोपी प्रभु करकड़े खुद ठाणे क्राइम ब्रांच पहुंचा। उसने दावा किया कि विशाल बार-बार उसके सपनों में दिखाई दे रहा था और इसी बेचैनी के कारण उसने आत्मसमर्पण करने का फैसला किया।
यह पुलिस जांच में सामने आया घटनाक्रम है। आरोपी का कथित कबूलनामा अपने-आप में दोष सिद्ध नहीं करता; आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच, अन्य साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
9 अक्टूबर की रात क्या हुआ था?
प्रारंभिक पुलिस जानकारी के अनुसार, घटना 9 अक्टूबर को डोंबिवली पश्चिम के मोठागांव इलाके में हुई। विशाल कदम और 24 वर्षीय प्रभु करकड़े के बीच गहरी दोस्ती थी। उस दिन दोनों साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई और विवाद बढ़ गया।
पुलिस का आरोप है कि गुस्से में प्रभु ने विशाल के साथ लात-घूंसों से मारपीट की। हमले में विशाल की मौत हो गई। कुछ देर पहले तक साथ बैठे दो दोस्तों के बीच हुआ विवाद इस तरह जानलेवा बन जाएगा, इसका किसी को अंदाजा नहीं था।
मकान मालिक को बताया, फिर शव ठिकाने लगाने की साजिश
पुलिस के अनुसार, विशाल की मौत के बाद प्रभु ने घटना की जानकारी मकान मालिक संदेश म्हात्रे को दी। आरोप है कि दोनों ने शव को एक बोरे में रखा और खाड़ी किनारे सुनसान इलाके में ले जाकर फेंक दिया। उनका मकसद कथित तौर पर वारदात और विशाल की मौत से जुड़े सबूत छिपाना था।
पुलिस का दावा—20 दिन तक सो नहीं पाया आरोपी
मामले का सबसे असामान्य हिस्सा आरोपी के आत्मसमर्पण से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद प्रभु सामान्य तरीके से सो नहीं पा रहा था। उसने पुलिस को बताया कि मृतक विशाल बार-बार उसके सपनों में दिखाई देता था। अपराधबोध और लगातार बढ़ती बेचैनी के बीच वह करीब 20 दिन बाद खुद ठाणे क्राइम ब्रांच के कार्यालय पहुंच गया।
पुलिस के सामने कथित रूप से घटना स्वीकार करने के बाद क्राइम ब्रांच ने प्रभु को हिरासत में लिया और आगे की कार्रवाई के लिए विष्णुनगर पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस संदेश म्हात्रे तक पहुंची।
दो गिरफ्तार, दोनों की भूमिका की जांच
विष्णुनगर पुलिस ने प्रभु करकड़े को विशाल की कथित हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। मकान मालिक संदेश म्हात्रे पर शव ठिकाने लगाने में मदद करने का आरोप है और उसे भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर रही है।
जांच में किन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस?
जांच का फोकस वारदात की पूरी समय-रेखा, विशाल की मौत का सटीक कारण, शव को ले जाने में इस्तेमाल साधन और दोनों आरोपियों की अलग-अलग भूमिका पर है। पुलिस कथित कबूलनामे की पुष्टि स्वतंत्र साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी और उपलब्ध परिस्थितिजन्य सबूतों से करेगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस की विस्तृत अंतिम रिपोर्ट सामने आना बाकी है।




