अयोध्या में शनिवार, 7 नवंबर 2026 को दसवें दीपोत्सव का मुख्य आयोजन है। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के दौरे की पुष्टि उपराष्ट्रपति सचिवालय ने की है। जारी कार्यक्रम के अनुसार वह श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन करेंगे, भगवान राम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक में भाग लेंगे और संतों का सम्मान करेंगे।
घाटों पर दीप प्रज्वलन की तैयारी
राम की पैड़ी सहित सरयू के घाटों पर बड़े स्तर पर दीये सजाए जा रहे हैं। आयोजन के सुबह उपलब्ध सरकारी प्रसारण संबंधी विवरण में 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये प्रज्वलित करने के लक्ष्य का उल्लेख है। यह तैयारी और निर्धारित लक्ष्य का विवरण है; आयोजन पूरा होने के बाद की अंतिम संख्या या किसी रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि अभी इसमें शामिल नहीं है।
दिवाली रविवार, 8 नवंबर को है। अयोध्या में उससे पहले आयोजित दीपोत्सव की गतिविधियां 5 नवंबर से शुरू हुई थीं। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ रामायण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और घाटों की रोशनी आयोजन का हिस्सा हैं। मुख्य कार्यक्रम और दिवाली की तारीख अलग होने के कारण यात्रियों को अपने आने-जाने की योजना में दोनों दिनों का ध्यान रखना होगा।
दर्शन और कार्यक्रम को लेकर क्या जानकारी है
उपराष्ट्रपति सचिवालय की 6 नवंबर की सूचना मुख्य अतिथि के दौरे तथा धार्मिक कार्यक्रमों की पुष्टि करती है। उससे आम दर्शकों के लिए हर कार्यक्रम में बिना रोक प्रवेश या किसी खास स्थान पर बैठने की व्यवस्था का निष्कर्ष नहीं निकलता। आयोजन स्थल की प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा जांच और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना होगा।
विशेष कार्यक्रमों के दौरान समय या आवाजाही की व्यवस्था बदल सकती है। इसलिए किसी असत्यापित पार्किंग सूची या सोशल मीडिया पर प्रसारित पास की जानकारी के आधार पर यात्रा तय करने से बचें। परिवार के साथ पहुंचने वाले यात्री स्थानीय प्रशासन की ताजा सूचना देखकर ही अपने अंतिम गंतव्य और वापसी का समय तय करें।
त्योहारी सुरक्षा की अलग व्यवस्था
दिवाली और छठ के दौरान उत्तर प्रदेश में पुलिस की तैनाती से संबंधित राज्यस्तरीय व्यवस्था भी लागू है। इस संदर्भ में 5 से 17 नवंबर तक पुलिस के सामान्य अवकाश पर रोक की जानकारी उपयोगी है। दीपोत्सव के लिए स्थानीय आवागमन संबंधी निर्देश जिला और पुलिस प्रशासन अलग से जारी करते हैं।




