उत्तर प्रदेश में बारिश से प्रभावित लोगों और किसानों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को नुकसान का तुरंत आकलन करने को कहा है। 30 अक्टूबर को दिए निर्देशों में फसल, मकान और पशुधन के नुकसान पर नियमों के अनुसार सहायता पहुंचाने तथा राहत में देरी न करने पर जोर है।
किसानों के नुकसान का आकलन
जिलों को फसलों की क्षति का सर्वे कराकर पात्र किसानों को मुआवजा देने की कार्रवाई करने को कहा गया है। मकान गिरने या नुकसान होने, पशुओं की मौत और अन्य स्वीकार्य नुकसान में भी नियमानुसार सहायता के निर्देश हैं।
यह सर्वे और राहत की कार्रवाई का निर्देश है। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि हर किसान के लिए एक समान रकम मंजूर हो गई है या सभी खातों में भुगतान हो चुका है। राज्य की कुल फसल क्षति और लाभार्थियों की अंतिम संख्या अभी उपलब्ध नहीं है।
प्रभावित परिवारों तक पहुंचें अधिकारी
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में जाकर परिवारों से संपर्क करने के लिए कहा गया है। घर गिरने से बेघर हुए लोगों को राहत शिविर या सुरक्षित आश्रय में भेजने और सहायता पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है।
अभी सावधानी जरूरी
मुख्यमंत्री की अपील में खराब मौसम के दौरान बच्चों को अनावश्यक बाहर न भेजने और जर्जर मकानों, पेड़ों, टिन शेड तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की बात है। सुरक्षित भवन में शरण लेने को कहा गया है।
इस सप्ताह की शुरुआत में भी राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से बारिश, गरज और तेज हवा की आशंका को देखते हुए तैयारी के निर्देश जारी हुए थे। अब नुकसान की जाँच और प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाना प्रशासन की अगली जिम्मेदारी है।
किसी गांव की सहायता या भुगतान की स्थिति उस जिले के आकलन और स्वीकृति से तय होगी। केवल सामान्य घोषणा के आधार पर राशि या भुगतान की निश्चित तारीख मानना उचित नहीं है।




