नालासोपारा पूर्व के शिर्डी नगर में शनिवार, 7 नवंबर की दोपहर पार्किंग में खड़े दो चारपहिया वाहनों में आग लग गई। एक वाहन से उठी लपटें पास खड़े दूसरे वाहन तक पहुंचीं। वसई-विरार महानगरपालिका के अग्निशमन दल ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। दोनों वाहनों को भारी नुकसान हुआ है।
स्थानीय लोगों के शुरुआती विवरण में पास में पटाखे फोड़े जाने और चिंगारी वाहन तक पहुंचने की बात कही गई है। आग का अंतिम तकनीकी कारण अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए किसी बच्चे या अन्य व्यक्ति को इसके लिए जिम्मेदार ठहराने का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
दोपहर में लगी आग, आसपास के लोगों ने दी सूचना
घटना दोपहर करीब 12 बजे की बताई गई है। शुरुआत में पार्किंग के एक वाहन में आग दिखी। उसके बाद बगल में खड़ा वाहन भी चपेट में आ गया। स्थानीय नागरिकों ने दमकल को सूचना दी, जिसके बाद जवान और अग्निशमन वाहन घटनास्थल पर पहुंचे।
आग पर काबू पाने में करीब एक से डेढ़ घंटे लगे। उपलब्ध विवरण में एक पर्यटक वाहन और एक निजी कार का उल्लेख है। शुरुआती अग्निशमन सूचना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं थी। वाहनों के नुकसान का आधिकारिक आर्थिक आकलन उपलब्ध नहीं है।
पटाखों को लेकर नियम और घटनास्थल की जांच अलग विषय
दिवाली के दौरान वाहन खड़े रहने वाले इलाकों में आग लगने की यह घटना सामने आई है। इसकी वजह की जांच और सार्वजनिक जगहों पर पटाखे फोड़ने के नियम अलग मुद्दे हैं। महाराष्ट्र में पटाखों की समय-सीमा पर अदालत की टिप्पणी को सीधे नया लागू समय समझने से भी बचना चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट के सार्वजनिक सड़कों और पटाखों से जुड़े निर्देशों का विवरण इस अंतर को स्पष्ट करता है।
अभी कौन-सी जानकारी बाकी है
दोनों वाहनों में आग बुझाए जाने की जानकारी उपलब्ध है, लेकिन जांच रिपोर्ट, नुकसान की अंतिम रकम और किसी कानूनी कार्रवाई का पुष्ट विवरण सामने नहीं आया है। इन बातों के बिना घटना में जानबूझकर आग लगाए जाने या किसी खास व्यक्ति की लापरवाही का दावा नहीं किया जा सकता।




