मोक्षधाम परिसर में सड़क किनारे इंजेक्शन, दवाइयों और सलाइन से जुड़ा कचरा मिलने की सूचना; जिला शल्य चिकित्सक ने स्रोत का पता लगाकर कार्रवाई की बात कही।
वाशिम: वाशिम शहर के मोक्षधाम परिसर में सड़क किनारे खुले में जैव चिकित्सा कचरा फेंके जाने का मामला सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यहां इस्तेमाल की गई सिरिंज, इंजेक्शन, दवाइयों और सलाइन से संबंधित सामग्री पड़ी मिली है। इससे आसपास रहने वाले नागरिकों और आवारा पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।
सड़क किनारे पड़ी इस्तेमाल की गई चिकित्सा सामग्री
मोक्षधाम परिसर में फेंकी गई चिकित्सा सामग्री के कारण जैव चिकित्सा कचरे के निपटान पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे कचरे की अलग से निपटान व्यवस्था होने के बावजूद इसे खुले में किसने फेंका, यह अभी स्पष्ट नहीं है। संबंधित अस्पताल या क्लिनिक की पहचान भी सामने नहीं आई है।
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग से जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जा रही है। साथ ही, मौके पर मिली दवाइयों के बैच नंबर की जांच के लिए औषधि प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग उठी है।
बैच नंबर की जांच से स्रोत तलाशने की मांग
दवाइयों और अन्य चिकित्सा सामग्री पर दर्ज विवरण की जांच कर कचरे के स्रोत का पता लगाने की मांग की गई है। हालांकि, यह कचरा किस अस्पताल से आया और इसे यहां किसने फेंका, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई
वाशिम के जिला शल्य चिकित्सक डॉ. अनिल कावरखे ने बताया कि संबंधित कचरा किस अस्पताल से आया है, इसका पता लगाया जाएगा। उनके अनुसार, जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
जैव चिकित्सा कचरे के प्रबंधन से जुड़े नियम और दिशानिर्देश महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
फिलहाल, कचरे के स्रोत की पहचान और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच की आवश्यकता है।




