पालघर जिले में आदिवासी कल्याण, रोजगार, पर्यावरण, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से काम हो रहा है। पालकमंत्री गणेश नाईक ने विश्वास जताया कि ये प्रयास जिले को जल्द ही राज्य का प्रगतशील जिला बनाएंगे।
पालघर, 15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस पर पालघर जिल्हाधिकारी कार्यालय में आयोजित मुख्य शासकीय ध्वजारोहण समारोह में पालकमंत्री गणेश नाईक ने कहा कि पालघर जिले का विकास आम नागरिक और आदिवासी समाज को केंद्र में रखकर किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी रोजगार योजना के तहत सबसे अधिक रोजगार देने वाला जिला आज पालघर है। साथ ही, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों 15 जून 2025 को “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” की शुरुआत भी पालघर के मनोर से हुई, जिसमें 80,000 करोड़ रुपये की योजना आदिवासी समाज के लिए बनाई गई, यह भारत के इतिहास में सबसे बड़ी योजना मानी जा रही है।
-
हर क्षेत्र में विकास की रफ्तार
पालघर जिले में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए “बांबू मिशन” के तहत अब तक 1063 हेक्टेयर क्षेत्र में 29 लाख से अधिक बांस के पौधे लगाए गए हैं। साथ ही, 10 करोड़ वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले को 50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। महिला सशक्तिकरण के लिए “आदिशक्ति अभियान” भी शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से ग्राम स्तर पर महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी जा रही है और उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम समितियों को सम्मानित किया जा रहा है। रोजगार के क्षेत्र में, 2025-26 में 12 सेक्टर्स में 22 तरह की नौकरियों के लिए 1800 युवाओं को अल्पकालिक कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं पंडित दीनदयाल उपाध्याय रोजगार मेळावों के माध्यम से पूरे महाराष्ट्र में 1000 मेलावे आयोजित किए जाएंगे।
वसई-विरार मनपा ने अंगदान अभियान में 33 दाताओं के परिजनों को किया सम्मानित
-
प्रशासनिक पारदर्शिता और नागरिकों की सहभागिता
“महसूल सप्ताह” के दौरान जिले भर में राजस्व सेवाएं आम नागरिकों तक पहुंचाई गईं। 4175 लोगों को दस्तावेज़ वितरित किए गए, DBT के तहत 3794 लाभार्थियों की जानकारी अद्यतन की गई, और अनेक लोगों को उनके प्लॉट्स के अधिकार पत्र दिए गए। गणेश नाईक ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को उनके अधिकार व लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिले। जनता दरबार के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों का समाधान भी प्राथमिकता से किया जा रहा है। 1911 अर्जों में से 1692 पर कार्यवाही पूरी की जा चुकी है, बाकी पर भी शीघ्र समाधान होगा।
-
स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और गांवों की डिजिटली पहचान
जिले में स्वास्थ्य सेवाएं भी मज़बूत की गई हैं, 3 उपजिला और 9 ग्रामीण अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं चलाई जा रही हैं। कुपोषण रोकने के लिए भी प्रभावी योजनाएं लागू की गई हैं। आपदा प्रबंधन को मज़बूत करते हुए, पालघर और डहाणू नगरपालिकाओं को नई अग्निशमन गाड़ियाँ और बुलेट मोटरसाइकिलें प्रदान की गई हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “गावठाण जमाबंदी प्रकल्प” के तहत गांवों की डिजिटली पहचान और ज़मीन के रिकॉर्ड को डिजिटल करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
पालघर जिले का विकास अब केवल आंकड़ों में नहीं बल्कि ज़मीनी स्तर पर दिखने लगा है। आदिवासी कल्याण, रोजगार, महिला शक्ति, पर्यावरण और पारदर्शी प्रशासन, इन सबका मेल इस जिले को एक आदर्श जिले में बदल रहा है। पालकमंत्री गणेश नाईक के नेतृत्व और नागरिकों की सहभागिता से यह सपना जल्द ही साकार होता दिख रहा है।
पालघर होगा प्लास्टिकमुक्त और हरा-भरा, 250 करोड़ पेड़ों का संकल्प – गणेश नाईक