भायंदर पूर्व के गोल्डन नेस्ट चौक स्थित बालासाहेब ठाकरे कलादालन को नागरिकों के लिए खोलने का मुद्दा फिर चर्चा में है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इसे शुरू कराने के लिए हर महीने ₹10 लाख का खर्च अपनी ओर से उठाने की पेशकश की है। उन्होंने दिवाली की छुट्टियों में कम से कम सात दिन स्कूली बच्चों के लिए कलादालन खोलने और आगे नियमित संचालन की मांग रखी है।

उद्घाटन हुआ, प्रवेश शुरू नहीं हुआ

कलादालन का लोकार्पण उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हाथों हुआ था। इसके बावजूद आम नागरिकों के लिए सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। इमारत ठेकेदार से मनपा को हस्तांतरित होने, लंबित भुगतान और संचालन नीति तय होने जैसे मुद्दे सामने आए हैं। प्रवेशद्वार पर रखरखाव के लिए बंद होने की सूचना लगने की जानकारी भी सामने आई है।

बच्चों और सांस्कृतिक गतिविधियों की सुविधाएं

परिसर में विज्ञान केंद्र, बाल विभाग, सभागृह, प्रदर्शन दालन, पुस्तकालय और उपाहारगृह जैसी सुविधाएं बनाई गई हैं। इन्हें आम लोगों तक पहुंचाने के लिए सिर्फ इमारत तैयार होना पर्याप्त नहीं है; सुरक्षा, सफाई, कर्मचारी, टिकट व्यवस्था और उपकरणों के रखरखाव की व्यवस्था भी तय होनी है।

सरनाईक की भूमिका है कि यदि मनपा खर्च नहीं उठा पा रही है, तो वह लिखित रूप से स्थिति बताए और उनकी पेशकश पर आगे बढ़े। उनकी ओर से खर्च उठाने की तैयारी सामने आई है, लेकिन मनपा द्वारा प्रस्ताव स्वीकार करने, भुगतान व्यवस्था तय होने या प्रवेश शुरू होने की निश्चित तारीख की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

अगला सवाल संचालन का फैसला

कलादालन के खर्च और संचालन को लेकर राजनीतिक मतभेद भी हैं। इस बीच नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण बात यह होगी कि जिम्मेदार संस्था, रखरखाव की व्यवस्था और प्रवेश का समय कब तय होता है। विद्यार्थियों के लिए सात दिनों तक खोलने की मांग को अभी लागू कार्यक्रम नहीं माना जा सकता। परिवारों को वहां पहुंचने से पहले मनपा की प्रवेश संबंधी आधिकारिक सूचना देखनी होगी।