दिवाली में वसई-विरार की मनपा बस सेवा बाधित होने का खतरा फिलहाल टल गया है। सानुग्रह अनुदान के मुद्दे पर हड़ताल की तैयारी कर रहे कर्मचारियों और ठेकेदार के बीच परिवहन विभाग की मध्यस्थता से बातचीत हुई। 6 नवंबर को सामने आई जानकारी के अनुसार सकारात्मक चर्चा के बाद कर्मचारियों ने प्रस्तावित आंदोलन वापस लिया।
विवाद अनुग्रह अनुदान को लेकर था
कामगार संगठन दिवाली से जुड़े अनुग्रह अनुदान की मांग कर रहा था। मामला बढ़ने पर परिवहन समिति के सभापति अशोककुमार रणखांब ने कर्मचारी संगठन और ठेकेदार एस.एन.एन. कंपनी की संयुक्त बैठक कराई। चर्चा में संगठन के प्रमुख किरण खराटे और कंपनी के प्रतिनिधि विशाल वासू उपस्थित थे।
कर्मचारियों ने अपनी मांगें रखीं, जबकि कंपनी ने प्रशासनिक और आर्थिक अड़चनें बताईं। सभापति ने यात्रियों को परेशानी न होने देने की जरूरत पर जोर दिया और मांग पर सकारात्मक विचार करने को कहा। ठेकेदार की प्रतिक्रिया के बाद हड़ताल का संकट टल गया। उपलब्ध ब्योरे में प्रत्येक कर्मचारी को मिलने वाली अंतिम राशि या भुगतान की तारीख नहीं बताई गई है।
70 हजार से अधिक रोजाना यात्रियों को राहत
परिवहन सेवा से रोज 70 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। प्रकाशित कर्मचारी विवरण के अनुसार व्यवस्था में कुल 507 कर्मचारी हैं—200 कंडक्टर, 160 चालक और 147 अन्य कर्मचारी। त्योहार में सेवा रुकने से रोज बस पर निर्भर यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती थी।
इससे पहले भी मांगों को लेकर बस सेवा बाधित हुई है। गणेशोत्सव के दौरान पांच दिनों तक चले आंदोलन में कामकाजी लोगों, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ी थी। इसलिए दिवाली से पहले बातचीत का नतीजा यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है।
बस और लोकल से यात्रा की योजना
हड़ताल टलने की सूचना बस सेवा से संबंधित है। लोकल से आगे सफर करने वाले यात्रियों के लिए 8 नवंबर को पश्चिम रेलवे के उपनगरीय सेक्शन पर ब्लॉक नहीं रहने की जानकारी भी उपयोगी है। अपने मार्ग की बस और लोकल का समय देखकर यात्रा तय करें।




