गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र की वसुंधरा पुलिस चौकी में शुक्रवार, 6 नवंबर की रात धमाका हुआ। टूटे कांच के टुकड़े लगने से खाना पहुंचाने आया एक डिलीवरी कर्मचारी घायल हो गया। पुलिस और जांच दलों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। धमाके का सटीक कारण अभी निर्धारित नहीं हुआ है। मामले में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।

चौकी में उपनिरीक्षक और कर्मचारी मौजूद थे

गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड के बयान के अनुसार घटना के समय एक उपनिरीक्षक और डिलीवरी कर्मचारी वहां मौजूद थे। आयुक्त ने कर्मचारी को मामूली चोट आने और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जाने की जानकारी दी। घटना चौकी की पिछली दीवार के पास होने का विवरण सामने आया है।

प्रारंभिक पुलिस ब्योरे के अनुसार घटना रात लगभग 9 बजे हुई। चौकी की खिड़कियों के शीशे टूटे और दीवार पर दरार आई। एयर कंडीशनिंग इकाई के आसपास हुए नुकसान की भी जांच की गई। घायल कर्मचारी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

फॉरेंसिक नमूने और घटनास्थल की पड़ताल

पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक विशेषज्ञ, बम निरोधक दल और अन्य जांच टीमें मौके पर पहुंचीं। इंदिरापुरम के सहायक पुलिस आयुक्त सूर्यबली मौर्य ने कहा कि विस्फोट का कारण बने पदार्थ या वस्तु का स्वरूप जांच के बाद ही तय होगा। घटनास्थल से नमूने लिए गए हैं।

पुलिस के प्रारंभिक विवरण में विस्फोटक पदार्थ के अवशेष नहीं मिलने की बात सामने आई है। इसे अंतिम प्रयोगशाला निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। एसी इकाई या किसी अन्य कारण से घटना होने की संभावनाओं की जांच जारी है।

सोशल मीडिया के दावे की भी जांच

घटना की जिम्मेदारी लेने का एक सोशल मीडिया दावा भी प्रसारित हुआ है। पुलिस उसकी प्रामाणिकता जांच रही है। उस दावे का संगठन से वास्तविक संबंध या धमाके से जुड़ाव अभी स्थापित नहीं हुआ है। इस स्तर पर घटना को पुष्ट आतंकी हमला कहना उपलब्ध साक्ष्य से आगे जाना होगा।

जांच का अगला महत्वपूर्ण चरण एकत्र साक्ष्यों और प्रयोगशाला जांच से कारण स्पष्ट होना है। पुलिस की अंतिम जानकारी आने तक अलग-अलग प्रारंभिक आशंकाओं को निष्कर्ष के रूप में नहीं प्रस्तुत किया जाना चाहिए।