मुंबई: मुंबई में बस का इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। BEST ने अपने बेड़े में 44 नई पूरी तरह वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें शामिल की हैं। 12 मीटर लंबी ये बसें मगाठाणे डिपो से पांच अलग-अलग मार्गों पर चलाई जाएंगी और पश्चिमी उपनगरों के साथ ठाणे तथा मीरा रोड स्टेशन तक कनेक्टिविटी बढ़ाएंगी।
नई बसों का 3 नवंबर को मगाठाणे डिपो में लोकार्पण किया गया। BEST समिति की अध्यक्ष तृप्ति विश्वासराव और अन्य पदाधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उपक्रम का कहना है कि नई बसों से व्यस्त मार्गों पर क्षमता बढ़ेगी, स्टॉप पर प्रतीक्षा समय कम करने में मदद मिलेगी और डीजल बसों पर निर्भरता घटेगी।
किन इलाकों को मिलेगा फायदा?
सभी 44 बसें मगाठाणे डिपो से संचालित होंगी। प्रस्तावित सेवाएं कांदिवली बस स्टेशन पूर्व, चांदिवली के संघर्ष नगर, कांदिवली पूर्व के समता नगर बस स्टेशन और मगाठाणे डिपो को जोड़ेंगी। इन मार्गों से बोरीवली स्टेशन पूर्व, ठाणे स्टेशन पूर्व और मीरा रोड स्टेशन पूर्व तक भी यात्रियों को बस कनेक्टिविटी मिलेगी।
यह विस्तार केवल मुंबई की सीमा तक सीमित नहीं रहेगा। ठाणे और मीरा रोड से रोज मुंबई आने-जाने वाले यात्रियों के लिए स्टेशन तक सीधी या बेहतर बस उपलब्धता लोकल ट्रेन और मेट्रो पर आखिरी दूरी की निर्भरता कम कर सकती है। हालांकि वास्तविक लाभ बसों की नियमित आवृत्ति, समयपालन और पीक आवर में उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
किराये पर ली गईं बसें, कंपनी का बेड़ा हुआ 94
नई बसें Evey Trans Maharashtra Pvt. Ltd. के जरिए किराये की व्यवस्था के तहत चलाई जा रही हैं। कंपनी को 2,400 पूर्ण वातानुकूलित 12-मीटर इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने का आदेश मिला है। इससे पहले 50 बसें BEST के बेड़े में शामिल हो चुकी थीं। नई 44 बसों के बाद इस कंपनी के जरिए उपलब्ध कराई गई बसों की संख्या 94 हो गई है।
BEST केंद्र सरकार के PM E-Drive कार्यक्रम के तहत भी बेड़ा बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। उपक्रम ने 1,500 AC midi buses और 2,400 बड़ी AC electric buses के लिए आदेश जारी किए हैं। योजना के अलग हिस्सों के तहत हजारों बसें चरणबद्ध तरीके से शामिल होनी हैं।
CCTV, panic button और तेज charging
नई बसों में anti-lock braking system, hydraulic power-assisted steering, CCTV कैमरे, Vehicle Tracking System और emergency panic button दिए गए हैं। बसों की निगरानी अगारा स्थित command-and-control centre से video analytics और tracking system के जरिए की जाएगी।
BEST के अनुसार नई battery का वजन पहले की तुलना में 16 प्रतिशत कम है और उसे बस की छत के बजाय नीचे रखा गया है। Combined Charging System CCS-2 से charging की गति पुरानी व्यवस्था की तुलना में 58 प्रतिशत तक तेज होने का दावा है। 44 में से 41 बसों में यात्रियों के लिए अधिक खुली seating layout दी गई है।
नई बसों के साथ नियमित सेवा भी जरूरी
Electric buses से tailpipe emission और इंजन का शोर कम होता है, लेकिन यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल सेवा की भरोसेमंद उपलब्धता है। पिछले वर्षों में बसों की कमी, maintenance और charging infrastructure के कारण कई मार्गों पर लंबा इंतजार शिकायत का विषय रहा है। इसलिए नई बसों का असर तभी साफ दिखेगा जब वे रोज तय समय पर पूरी संख्या में चलें।
MCS ने पहले BEST के ऐतिहासिक Route-1 को दोबारा शुरू करने और मुंबई की सार्वजनिक परिवहन भीड़ घटाने के प्रयासों की रिपोर्ट दी थी। 44 नई बसें बेड़े के लिए सकारात्मक शुरुआत हैं, लेकिन रोज के लाखों यात्रियों की मांग के मुकाबले बड़ी संख्या में बसों की समयबद्ध आपूर्ति अभी भी जरूरी है।




