मुंबई के विले पार्ले इलाके में होटल जांच के दौरान क्राइम ब्रांच यूनिट 8 ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वह होटल में फर्जी आधार कार्ड के आधार पर ठहरा था। आरोपी की पहचान और होटल में रुकने के मकसद की जांच जारी है।
होटल के रिकॉर्ड की जांच में सामने आया मामला
मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, यूनिट 8 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक गणेश माळी के मार्गदर्शन में टीम विले पार्ले पुलिस स्टेशन की सीमा के होटलों, लॉज और डॉरमेट्री की औचक जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम दीक्षित रोड, नवपाडा स्थित होटल सैटेलाइट पहुंची। वहां रिकॉर्ड और पहचान पत्रों की जांच के दौरान कमरा नंबर 204 में ठहरे एक युवक पर संदेह हुआ।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में युवक ने अपना नाम अनिलभाई कमलभाई मेहता बताया और आधार कार्ड पेश किया। दस्तावेजों की जांच तथा पूछताछ के दौरान उसके जवाबों में विरोधाभास मिलने पर उसे आगे की जांच के लिए पुलिस कार्यालय ले जाया गया।
आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस पर अलग-अलग नाम
पुलिस का कहना है कि तलाशी में अनिल कमलभाई मेहता के नाम का आधार कार्ड मिला। साथ ही, उसी तस्वीर वाला ड्राइविंग लाइसेंस भी बरामद हुआ, जिस पर नाम बिपिन मनीभाई पटेल दर्ज था। पुलिस के मुताबिक, दोनों दस्तावेजों पर नाम और पते अलग-अलग थे। पूछताछ में आरोपी ने धोखाधड़ी के इरादे से फर्जी आधार कार्ड बनवाकर होटल में ठहरने की बात कबूल की।
टाइगर श्रॉफ मामले के बाद होटलों की जांच
पुलिस के अनुसार, अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले में आरोपियों के फर्जी पहचान दस्तावेजों के सहारे होटलों और विश्राम गृहों में ठहरने की जानकारी सामने आने के बाद शहर में जांच अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस आयुक्तालय के निर्देश पर होटलों और लॉज में पहचान व रिकॉर्ड की जांच कड़ी की गई है।
पुलिस हवलदार महेंद्र यादव की शिकायत के आधार पर विले पार्ले पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब जांच कर रही है कि आरोपी ने इस पहचान पत्र का इस्तेमाल पहले कहीं और तो नहीं किया और होटल में ठहरने के पीछे उसका क्या मकसद था।
मुंबई क्राइम ब्रांच की एक अन्य कार्रवाई में फर्जी पहचान के आरोप में हुई गिरफ्तारी की खबर यहां पढ़ें।




