बोईसर: पालघर जिले के बोईसर में साथ रहने वाले दो कामगारों के बीच रसोई के काम और बर्तन धोने को लेकर शुरू हुआ विवाद कथित तौर पर जानलेवा हमले में बदल गया। पुलिस के अनुसार, महावीर नगर के एक किराये के कमरे में शनिवार, 7 नवंबर की रात 28 वर्षीय छोटेलाल सैनी पर धारदार वस्तु से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल छोटेलाल को इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई।
मामले में पुलिस ने मृतक के रूममेट 29 वर्षीय धनंजय साहनी को हिरासत में लिया है। दोनों पेंटर का काम करते थे और महावीर नगर में एक ही कमरे में रहते थे। पुलिस का शुरुआती दावा है कि रोजमर्रा के घरेलू काम को लेकर हुई कहासुनी तेजी से बढ़ी और उसके बाद हमला हुआ। घटना की पूरी वजह, घटनाक्रम और इस्तेमाल की गई वस्तु की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
बर्तन धोने की बात पर कैसे बढ़ा विवाद?
पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार रात दोनों रूममेट कमरे में मौजूद थे। रसोई का काम किसे करना है और बर्तन कौन धोएगा, इस बात को लेकर उनके बीच बहस शुरू हुई। कुछ ही देर में विवाद हिंसक हो गया। आरोप है कि धनंजय ने छोटेलाल पर धारदार वस्तु से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
कमरे से शोर सुनकर आसपास रहने वाले लोग वहां पहुंचे। छोटेलाल की हालत गंभीर देखकर पड़ोसियों ने उसे अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। घटना की सूचना मिलने के बाद बोईसर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आरोपी को पकड़ लिया।
एक साथ काम करते और एक ही कमरे में रहते थे दोनों
धनंजय साहनी और छोटेलाल सैनी दोनों पेंटिंग का काम करते थे। रोजगार के सिलसिले में वे बोईसर में रह रहे थे और महावीर नगर में किराये का कमरा साझा करते थे। पुलिस अब उनके साथ काम करने वाले लोगों, पड़ोसियों और परिचितों के बयान दर्ज कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले दोनों के बीच कोई पुराना विवाद था या झगड़ा उसी रात अचानक हुआ।
जांच में कमरे से मिले भौतिक साक्ष्य, कथित हमले में इस्तेमाल वस्तु और मेडिकल रिपोर्ट महत्वपूर्ण होंगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की सटीक वजह और चोटों की प्रकृति सामने आएगी। उपलब्ध जानकारी में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के समय कमरे में कोई तीसरा व्यक्ति मौजूद था या नहीं।
आरोपी गिरफ्तार, हत्या का मामला दर्ज
पुलिस ने धनंजय साहनी को गिरफ्तार कर हत्या से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया में आरोपी को अदालत के सामने पेश किया जाएगा और पुलिस हिरासत की मांग की जा सकती है। आरोपी की गिरफ्तारी जांच का हिस्सा है; अदालत में आरोप सिद्ध होने तक उसे दोषी नहीं माना जा सकता।
पालघर जिले में गंभीर आपराधिक मामलों की जांच पर लगातार नजर बनी हुई है। इससे पहले मेट्रो सिटी समाचार ने विरार में युवक की चाकू से हत्या और आरोपी की गिरफ्तारी तथा नालासोपारा में चक्की ऑपरेटर की हत्या के मामले पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी।
इन सवालों के जवाब जांच से मिलेंगे
- क्या दोनों के बीच पहले से कोई विवाद चल रहा था?
- हमले में किस वस्तु का इस्तेमाल किया गया?
- घटना के समय कमरे या आसपास कौन मौजूद था?
- पड़ोसियों ने पुलिस और चिकित्सा सहायता को कब सूचना दी?
- पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच में क्या सामने आता है?
बोईसर पुलिस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी और जांच के अगले चरण के बाद मामले की तस्वीर और साफ होगी।




