कानपुर के पनकी पड़ाव इलाके में रविवार, 8 नवंबर की सुबह घर की छत गिरने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और एक नवजात बच्चा शामिल है। मलबे से निकाले गए चौथे व्यक्ति का इलाज चल रहा है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मृतकों में विनोदिनी शुक्ला और उनकी बहू अंशिका शुक्ला शामिल हैं। अंशिका के नवजात बच्चे की भी मौत हुई है। परिवार के हर्ष शुक्ला घायल हुए हैं। हादसे के समय घर में मौजूद इन चार लोगों को छत के मलबे से बाहर निकाला गया।
स्थानीय लोगों ने शुरू की मदद
छत गिरने के बाद आसपास के लोग मदद के लिए पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। स्थानीय निवासियों और पुलिस ने मलबा हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित किया।
कानपुर पश्चिम के पुलिस उपायुक्त एस. एम. कासिम आबिदी ने पनकी क्षेत्र में घटना और तीन मौतों की जानकारी दी है। पुलिस तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने पहुंचे।
छत की हालत और हादसे की वजह की जांच
पुलिस के शुरुआती विवरण में छत की हालत कमजोर होने और उसे सहारा देने के लिए लकड़ी की बल्लियां लगाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, छत गिरने की अंतिम तकनीकी वजह और किसी की जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। उपलब्ध विवरण में अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट या तकनीकी जांच का निष्कर्ष नहीं आया है। घायल के इलाज और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई पर पुलिस की नजर है।
एक दिन पहले मोदीनगर में भी हुआ था छत से जुड़ा हादसा
इससे एक दिन पहले, 7 नवंबर को गाजियाबाद के मोदीनगर में निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरने से एक मजदूर की मौत हुई थी। वहां हादसा निर्माण कार्य के दौरान हुआ था, जबकि पनकी की घटना परिवार के रहने वाले मकान में हुई है। दोनों मामलों की परिस्थितियां और जांच अलग हैं।




