गणपति पंडाल के पास खुले तार से करंट लगने का आरोप; चार घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
मुंबई, 20 सितंबर | मेट्रो सिटी समाचार : मुंबई के लालबाग इलाके में गणपति पंडाल के पास करंट लगने से आठ वर्षीय बच्ची और 33 वर्षीय महिला की मौत के मामले में पुलिस ने स्टॉल संचालक के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। हादसे में चार अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब दो बजे कालाचौकी क्षेत्र के दत्ताराम लाड मार्ग पर हुई। कालाचौकी विभाग सार्वजनिक उत्सव मंडल के पास पानी और शीतल पेय के स्टॉल के नजदीक करंट लगने से श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए। उस समय इलाके में गणपति दर्शन के लिए भारी भीड़ थी।
रिपोर्ट में कालाचौकी पुलिस की एफआईआर के हवाले से बताया गया है कि आठ वर्षीय रागिनी खुले बिजली के तार के संपर्क में आ गई। उसके आसपास मौजूद अन्य लोग भी करंट की चपेट में आए। बच्ची को तत्काल मसीना अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे में घायल 33 वर्षीय सुजाता की ग्लोबल अस्पताल में मौत होने की जानकारी दी गई है।
पुलिस ने स्टॉल संचालक कमल छेत्री के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) और 125(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की है। रिपोर्ट के अनुसार, स्टॉल की बिजली व्यवस्था में लापरवाही बरते जाने का आरोप है। पुलिस जांच कर रही है कि खुले तार तक लोगों की पहुंच कैसे हुई और विद्युत सुरक्षा में किस स्तर पर चूक हुई।
दो लोगों की मौत ने गणेशोत्सव के दौरान अस्थायी स्टॉलों और पंडालों के आसपास बिजली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। भीड़ वाले स्थान पर तार खुले कैसे रह गए? विद्युत व्यवस्था की जांच किसने की थी? श्रद्धालुओं को खतरे से बचाने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? इन सवालों के जवाब पुलिस और तकनीकी जांच से सामने आने बाकी हैं। एफआईआर में लगाए गए आरोपों पर दोष अभी सिद्ध नहीं हुआ है।
स्रोत: साझा की गई आईएएनएस रिपोर्ट।
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