वसई/विरार, प्रतिनिधि : विरार पश्चिम के नालागांव में म्हात्रे परिवार के घर आयोजित गणेशोत्सव में साकार की गई ‘श्रीकृष्ण से जगन्नाथ पुरी’ विषय पर आधारित तकनीक-सक्षम चलचित्र झांकी इन दिनों आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वसई विधानसभा क्षेत्र की विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने इस झांकी का दौरा कर भगवान श्रीगणेश के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने झांकी का अवलोकन किया और म्हात्रे परिवार की संकल्पना एवं मेहनत की सराहना की।
इस चलचित्र झांकी में भगवान श्रीकृष्ण का वैकुंठ गमन, जगन्नाथ पुरी से जुड़ी पौराणिक कथाएं, भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियों का निर्माण, नवकलेवर विधि सहित विभिन्न धार्मिक और पौराणिक प्रसंगों को तकनीक के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।
आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के इस्तेमाल से तैयार इस झांकी के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक इतिहास से परिचित कराने का प्रयास किया गया है।
झांकी देखने के बाद विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने इसकी संकल्पना, प्रस्तुति और तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि “यह झांकी देखते समय ऐसा महसूस होता है, जैसे प्रत्यक्ष जगन्नाथ पुरी पहुंच गए हों।” उन्होंने कहा कि AI तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी के सामने पौराणिक इतिहास को प्रस्तुत करने की यह संकल्पना अलग और अभिनव है।
15 दिनों में तैयार की गई चलचित्र झांकी
प्रशांत म्हात्रे और मनीष म्हात्रे की संकल्पना से तैयार इस झांकी को उनकी अगली पीढ़ी के अथर्व म्हात्रे, ईशानी म्हात्रे और ध्रुव म्हात्रे ने करीब 15 दिनों में तैयार किया है। झांकी के लिए वसई के प्रसिद्ध निवेदक राजेश राऊत ने अपनी आवाज में निवेदन किया है।
पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश
म्हात्रे परिवार की गणेशोत्सव मनाने की परंपरा पर्यावरणपूरक रही है। परिवार की ओर से हर वर्ष शाडू मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा स्थापित की जाती है। विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने परिवार के इस पर्यावरणपूरक प्रयास की भी सराहना की।
धार्मिक परंपरा, जनजागृति और आधुनिक तकनीक का प्रभावी समन्वय करते हुए तैयार की गई ‘श्रीकृष्ण से जगन्नाथ पुरी’ चलचित्र झांकी गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है।