Maharashtra Cabinet Decision 2024 : महाराष्ट्र राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2024 को कई अहम फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में यह बैठक हुई, जिसमें राज्य की जनता और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिया गया।

अकृषिक कर माफी का फैसला:

महाराष्ट्र के गैर-कृषि कर को पूरी तरह से माफ करने का निर्णय लिया गया है। अब तक यह माफी केवल गांव के ‘गावठाण’ क्षेत्र के लिए थी, लेकिन शहरी इलाकों और बहुमंजिली इमारतों में रहने वाले नागरिकों को भी इसका लाभ मिलेगा। साथ ही, व्यावसायिक और औद्योगिक जमीनों पर भी अकृषिक कर रद्द किया जाएगा। इस फैसले से राज्य के नागरिकों पर कर का बोझ कम होगा।

महसूल न्यायाधिकरण में नियुक्तियां:

राज्य के राजस्व न्यायाधिकरणों में अध्यक्ष और सदस्य पदों पर नियुक्ति के लिए जल्द ही विज्ञापन जारी किए जाएंगे। नियुक्ति के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जो सभी आवेदनों की जांच करेगी।

त्र्यंबकेश्वर में किकवी परियोजना को मंजूरी:

त्र्यंबकेश्वर तालुका में किकवी पेयजल परियोजना को भी तेजी से पूरा करने के लिए मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत पेयजल आपूर्ति के साथ-साथ अन्य आवश्यक संरचनाओं का निर्माण होगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को राहत मिलेगी।

प्राचीन वास्तुओं की सुरक्षा के लिए सख्त कानून:

राज्य में प्राचीन और ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा को और सख्त बनाया गया है। अब अगर कोई इन इमारतों को नुकसान पहुंचाता है तो उसे दो साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

खेल में पुरस्कार राशि में वृद्धि:

महाराष्ट्र के खेल खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी की गई है। ओलंपिक, एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को अब अधिक आर्थिक इनाम दिया जाएगा।

विभिन्न समाजों के लिए आर्थिक विकास महामंडल:

राज्य में जैन, बारी, तेली और अन्य समाजों के लिए अलग-अलग आर्थिक विकास महामंडल बनाए जाएंगे, जो इन समाजों के आर्थिक और शैक्षिक विकास में मदद करेंगे। इन महामंडलों के तहत युवाओं को भी शिक्षा और रोजगार के लिए लाभ मिलेगा।

पुणे रिंग रोड परियोजना:

महाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडल (MSRDC) द्वारा पुणे के चारों ओर रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना को भी बैठक में मंजूरी दी गई, जिसमें 19,932 करोड़ रुपये की लागत से पूर्वी और 22,778 करोड़ रुपये की लागत से पश्चिमी रिंग रोड का निर्माण होगा।

यह बैठक राज्य के विकास और नागरिकों के जीवन में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।

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