ठाणे जिले के कल्याण, उल्हासनगर, मुरबाड और अंबरनाथ के नागरिकों के राजस्व काम नजदीक लाने के लिए कल्याण में नया अपर जिलाधिकारी कार्यालय स्थापित करने को राज्य सरकार ने मंजूरी दी है। 6 नवंबर 2026 के इस निर्णय के बाद कार्यालय के लिए जगह और कर्मचारियों की व्यवस्था आगे बढ़ाई जाएगी। नागरिकों के लिए प्रत्यक्ष कामकाज कब शुरू होगा, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

किन तालुकों की जिम्मेदारी नए कार्यालय को मिलेगी

कल्याण कार्यालय के दायरे में चार तालुके—कल्याण, उल्हासनगर, मुरबाड और अंबरनाथ—रहेंगे। ठाणे, भिवंडी और शहापूर का काम पहले की तरह ठाणे के जिलाधिकारी कार्यालय के दायरे में रहेगा। इसलिए यह फैसला पूरे जिले के प्रशासन को कल्याण स्थानांतरित करने का आदेश नहीं है।

राजस्व मामलों की जांच, जमीन से संबंधित रिकॉर्ड और अपर जिलाधिकारी स्तर की सुनवाइयों जैसे काम विषयों के आवंटन के अनुसार नए कार्यालय में होंगे। संबंधित तालुकों के लोगों को ऐसे कामों के लिए ठाणे मुख्यालय तक जाने की जरूरत कम करने का उद्देश्य है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसानों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए दूरी और बार-बार यात्रा का खर्च महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है।

जिलाधिकारी के विशेष अधिकार कायम रहेंगे

निर्णय के प्रकाशित विवरण के अनुसार ठाणे के जिलाधिकारी नए कार्यालय के रिपोर्टिंग अधिकारी होंगे। कोंकण विभाग के विभागीय आयुक्त नियंत्रक प्राधिकारी रहेंगे। जिन अधिकारों को कानून या सरकारी व्यवस्था ने केवल जिलाधिकारी के लिए सुरक्षित रखा है, उन्हें नया अपर जिलाधिकारी कार्यालय अपने आप इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।

अब जगह और पदस्थापना का चरण

सरकार ने अस्थायी जगह चिन्हित करके कार्यालय शुरू करने की तैयारी के निर्देश दिए हैं। इसके बाद स्थायी जगह और भवन निर्माण का प्रस्ताव भेजना है। पदस्थापना तथा अस्थायी परिसर तय करने के संबंध में 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने की व्यवस्था भी बताई गई है।

अभी मंजूरी और कार्यालय में जनता का काम शुरू होना अलग चरण हैं। किसी लंबित मामले की सुनवाई या दस्तावेज जमा करने के लिए नागरिक अपने वर्तमान कार्यालय की सूचना का पालन करें। नए पते, विषय आवंटन और कामकाज शुरू होने की आधिकारिक सूचना आने पर ही संबंधित सेवा के स्थानांतरण की स्थिति स्पष्ट होगी।