महाराष्ट्र के एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का मासिक स्टाइपेंड ₹18,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने का आश्वासन दिया गया है। 5 नवंबर 2026 को चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ और इंटर्न प्रतिनिधियों की बैठक के बाद यह जानकारी सामने आई। प्रस्तावित बढ़ोतरी ₹7,000 प्रतिमाह है, लेकिन औपचारिक शासन निर्णय जारी होने और नई दर लागू होने की तारीख की पुष्टि अभी बाकी है।
सहमति के बाद भी कौन-सी प्रक्रिया बाकी है
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारी के प्रकाशित स्पष्टीकरण के मुताबिक प्रस्ताव मंत्रिमंडल के सामने रखा जाना है। उसके बाद औपचारिक निर्णय और शासन निर्णय यानी जीआर की प्रक्रिया होगी। इसलिए ₹25,000 को खाते में आने लगी रकम या तत्काल लागू दर के रूप में नहीं समझना चाहिए।
एसोसिएशन ऑफ स्टेट मेडिकल इंटर्न्स यानी ASMI ने बैठक के बाद सदस्यों को मांग स्वीकार होने की जानकारी दी। संगठन के संदेश में प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण जीआर आने में लगभग एक से डेढ़ महीने लग सकने की बात है। यह संगठन की बताई संभावित अवधि है, सरकार की निश्चित भुगतान तारीख नहीं।
इंटर्न्स की मूल मांग ₹30,000 थी
संगठन ने मासिक स्टाइपेंड ₹30,000 करने के साथ सालाना तीन प्रतिशत बढ़ोतरी और भत्तों की समीक्षा की मांग रखी थी। भोजन, रहने और आने-जाने का खर्च बढ़ने को आंदोलन का प्रमुख कारण बताया गया। इंटर्न्स ने प्रशिक्षण के दौरान निभाई जाने वाली चिकित्सकीय जिम्मेदारियों के अनुरूप आर्थिक सहायता मांगी थी।
अक्टूबर में दिए गए संगठन के वक्तव्यों में लिखित आश्वासन की मांग और समाधान नहीं निकलने पर नवंबर की शुरुआत से आंदोलन की चेतावनी शामिल थी। अब बातचीत आगे बढ़ी है, लेकिन मूल मांग और प्रस्तावित दर में ₹5,000 का अंतर बना हुआ है।
आगे किस सूचना पर नजर रहेगी
जीआर में पात्र संस्थानों, प्रभावी तारीख, भुगतान और अन्य शर्तों का स्पष्ट होना जरूरी होगा। अभी उपलब्ध जानकारी से पिछली अवधि का एरियर मिलने या सभी संस्थानों में एक ही तारीख से रकम बदलने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।




