महाराष्ट्र: सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में PPP व्यवस्था के तहत PET-CT कराने वाले सशुल्क मरीजों के लिए ₹10,250 की दर तय की गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के 29 अक्टूबर 2026 के शासन निर्णय में जांच शुल्क, CT-MRI में इस्तेमाल होने वाले कॉन्ट्रास्ट और भुगतान की व्यवस्था स्पष्ट की गई है।
₹10,250 की दर कहां लागू है?
आदेश का दायरा वैद्यकीय शिक्षा और अनुसंधान संचालनालय के अधीन सरकारी मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP पर चलने वाली संबंधित सुविधा है। पूरे शरीर की PET-CT जांच, IV कॉन्ट्रास्ट के साथ या बिना, का सशुल्क दर ₹10,250 है। इसमें FDG का शुल्क शामिल है।
इसे हर निजी अस्पताल या डायग्नोस्टिक लैब के लिए एक जैसी अधिकतम दर घोषित होने की खबर न समझें। किसी अस्पताल में जाने से पहले वहां की सुविधा किस व्यवस्था में चलती है और मरीज किस श्रेणी में आता है, यह बिल डेस्क से मिलाना जरूरी है।
मुफ्त और भुगतान करने वाले मरीज अलग श्रेणियां
आदेश में मुफ्त सेवा के पात्र, सशुल्क और दूसरे अस्पतालों से प्रायोजित या संदर्भित मरीजों के लिए अलग व्यवस्था है। तय पात्रता के आधार पर मुफ्त सेवाओं वाले मरीजों से इन जांचों का शुल्क नहीं लिया जाना है। MJPJAY और आयुष्मान भारत PM-JAY के पात्र लाभार्थियों को संबंधित योजना के अनुसार सुविधा मिलनी है।
दूसरी ओर, मुफ्त सेवा के अपात्र मरीज लागू दर बिल डेस्क पर देंगे। दूसरे अस्पताल से प्रायोजित या संदर्भित मामलों में संबंधित करार की दर लागू हो सकती है। इसलिए केवल ₹10,250 देखकर हर रेफरल पर वही अंतिम बिल मानना सही नहीं होगा।
CT और MRI के कॉन्ट्रास्ट की दर
CT कॉन्ट्रास्ट के लिए 50 मिलीलीटर की दर ₹420 और 100 मिलीलीटर की ₹830 तय है। MRI के संबंधित गैडोलिनियम आधारित 10 मिलीलीटर कॉन्ट्रास्ट की दर ₹950 है। ये कॉन्ट्रास्ट की दरें हैं, पूरी CT या MRI जांच का कुल शुल्क नहीं।
निजी ऑपरेटर को सीधे पैसा नहीं
भुगतान अस्पताल के बिल डेस्क पर होना है। मरीज या परिजन PPP सेवा चलाने वाले निजी ऑपरेटर को सीधे नकद या ऑनलाइन भुगतान न करें। अस्पताल को शुल्क और भुगतान का तरीका मराठी तथा अंग्रेजी में प्रमुखता से दिखाना है।
श्रेणी, जांच और ली गई राशि का विवरण बिल में मिलाना उपयोगी रहेगा। मरीज को जांच करवानी है या नहीं, इसका निर्णय इलाज करने वाले डॉक्टर का है; यह खबर शुल्क व्यवस्था के बारे में है।
इलाज के खर्च की व्यापक पृष्ठभूमि पर सरकारी अस्पतालों और मरीज के आर्थिक बोझ का अलग विश्लेषण भी उपलब्ध है। वर्तमान जांच शुल्क ऊपर दिए गए 29 अक्टूबर के आदेश के दायरे के अनुसार है।




