नाशिक–त्र्यंबकेश्वर के सिंहस्थ कुंभपर्व के ध्वजारोहण के लिए 31 अक्टूबर का कार्यक्रम घोषित है। राष्ट्रपति भवन की 30 अक्टूबर की आधिकारिक सूचना के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नाशिक में ध्वजस्तंभ पूजन, ध्वज पूजन और ध्वजारोहण समारोह में शामिल होंगी तथा सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगी।
नाशिक और त्र्यंबकेश्वर की तैयारी
सुबह जारी आयोजन विवरण में दोनों स्थानों पर दोपहर 12:02 बजे ध्वजारोहण का समय बताया गया है। नाशिक के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पर कार्यक्रमों की व्यवस्था की गई है। यह घोषित कार्यक्रम का विवरण है; समारोह के वास्तव में संपन्न होने की अलग पुष्टि जरूरी है।
नाशिक में राष्ट्रपति और त्र्यंबकेश्वर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति वाला कार्यक्रम बताया गया है। सुबह की जानकारी में रामकुंड पर 51 फुट और कुशावर्त पर 31 फुट के मुख्य ध्वजस्तंभ का उल्लेख है।
शाम की आरती और दूसरे आयोजन
कार्यक्रम में गोदावरी आरती, कुंभ से जुड़े विशेष डाक टिकट, वेबसाइट, गीत और प्रकाशन का अनावरण भी प्रस्तावित है। शाम की महा गोदाआरती में बड़ी संख्या में आदिवासी प्रतिभागियों की भागीदारी की योजना बताई गई है। अपेक्षित संख्या को वास्तविक उपस्थिति या विश्व रिकॉर्ड बनने की पुष्टि नहीं माना गया है।
दर्शन और यात्रा से पहले सूचना देखें
गणमान्य व्यक्तियों के दौरे और भीड़ के कारण स्थानीय व्यवस्था सामान्य दिन से अलग हो सकती है। श्रद्धालु नाशिक और त्र्यंबकेश्वर पुलिस तथा मंदिर प्रशासन की ताजा सूचना देखकर निकलें। उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी खास सड़क को खुला या बंद और सामान्य दर्शन को पूरे दिन उपलब्ध मानने की सलाह नहीं दी जा रही है।
ध्वजारोहण के कार्यक्रम और बाद के स्नान-पर्व अलग पड़ाव हैं। सिर्फ इस समारोह की तारीख से सभी प्रमुख स्नान तिथियां या पूरा मेला एक दिन का होने का निष्कर्ष नहीं निकलता।
नाशिक सिंहस्थ की तैयारियों और पहले की समीक्षा बैठक की रिपोर्ट




