मुंबई: मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में ट्रैक और सिविल निर्माण के साथ बिजली आपूर्ति की तैयारी भी आगे बढ़ रही है। पूरे 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए 14 ट्रैक्शन सबस्टेशन की व्यवस्था की जा रही है। इनमें पांच महाराष्ट्र और नौ गुजरात में हैं। बिलिमोरा के सबस्टेशन में उपकरण लगाने के बाद परीक्षण और कमीशनिंग का काम प्रगति पर बताया गया है।

महाराष्ट्र में कहां होगी व्यवस्था?

परियोजना लागू कर रही NHSRCL की तकनीकी जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के पांच स्थान मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर और ठाणे डिपो हैं। गुजरात में वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, महेमदाबाद, अहमदाबाद और साबरमती डिपो का समावेश है। ये बिजली आपूर्ति के स्थान हैं; इन्हें सभी यात्री स्टेशनों की सूची न समझें।

बिलिमोरा में क्या काम हुआ?

30 और 31 अक्टूबर को सामने आए निर्माण अपडेट में बिलिमोरा का काम अंतिम दौर में बताया गया है। लगभग 18,000 वर्गमीटर क्षेत्र वाली सुविधा में कंट्रोल पैनल, चेंजओवर स्विच, ट्रांसफॉर्मर और सर्किट ब्रेकर संबंधी उपकरण लगाए गए हैं। गैन्ट्री टावर और बीम लगाने का काम भी पूरा बताया गया है। शेष परीक्षण और कमीशनिंग के बाद ही बिजली व्यवस्था का परिचालन चरण स्पष्ट होगा।

तेज रफ्तार ट्रेन तक बिजली कैसे पहुंचेगी?

बिजली पहले ग्रिड से सबस्टेशनों तक और वहां से रेल लाइन के ऊपर लगी तारों की व्यवस्था तक पहुंचेगी। परियोजना में 2×25 केवी ओवरहेड ट्रैक्शन प्रणाली इस्तेमाल की जा रही है। इसका मकसद तेज रफ्तार से चलती ट्रेन को लगातार और स्थिर बिजली देना है।

NHSRCL ने कॉरिडोर पर 31 स्विचिंग पोस्ट और स्टेशनों, सिग्नल तथा रखरखाव सुविधाओं के लिए 16 डिस्ट्रीब्यूशन सबस्टेशन की योजना भी बताई है। बिजली नेटवर्क की निगरानी केंद्रीय नियंत्रण केंद्र से होगी। तकनीकी व्यवस्था में खराबी वाले हिस्से को अलग करने की सुविधा भी शामिल है।

निर्माण प्रगति और सफर शुरू होने में अभी चरण बाकी

सबस्टेशन में उपकरण लगना परियोजना की एक जरूरी उपलब्धि है। इससे पूरी बुलेट ट्रेन सेवा की शुरुआत, टिकट बुकिंग या यात्री किराये की तारीख तय नहीं होती। बिजली, ट्रैक, ट्रेन और अन्य प्रणालियों की जांच तथा जरूरी मंजूरियों पर आगे के आधिकारिक अपडेट का इंतजार रहेगा।

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